केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के ताजा ड्रग अलर्ट में 45 फीसदी दवा निर्माण का तमगा हासिल करने वाले हिमाचल में बनी छह दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं।
देशभर में फेल हुईं 29 दवाओं के सैंपलों में सोलन की चार और सिरमौर जिले की दो दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं के बैच मार्केट से वापस मंगवा लिए गए हैं जबकि उद्योगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
फेल हुए सैंपलों में रेडिको रेमेडीज मंधाला बरोटीवाला की ट्रैनेजैमिक एसिड इंजेक्शन-500 एमजी, वी लैबोरेट्रीज गांव कल्लर सुथाबू रोड सपरून की सेफपोडॉक्साईम प्रोजेक्टिल डिस्प्रेसिबल (एजीप्रोड-200), एमसी फार्मास्यूटिकल प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर पांवटा साहिब की पैरासिटामोल-650 एमजी शामिल हैं।
इसके साथ ही स्कोहिंद लैब-20 एचपीएसआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया बद्दी की एमोक्सीसिलिन पोटाशियम क्लवूलेनेट एंड लेक्टिक एसिड बैसिलस दवा (एमोक्सरैग-625), जी लैबोरेट्रीज इंडस्ट्रियल एरिया पांवटा साहिब की डेक्सामैथासोन ई सोडियम फॉस्फेट इंजेक्शन, हेल्थ बायोटेक लिमिटेड यूनिट-2 संडोली बद्दी का हैरपेरिन इंजेक्शन 25000 यूनिट (एजीरिन इंजेक्शन) शामिल हैं।
ये दवाइयां एंटीबायोटिक, रक्तस्राव रोकने वाली एंटीफाब्रिनोलॉयटिक, बैक्टीरिया से होने वाले हल्के इंफेक्शन को रोकने, बुखार, एलर्जी, रक्त पतला करने, नसों और फेफड़ों में रक्त के थक्का गठन की रोकथाम आदि के उपचार में इस्तेमाल की जाती हैं।