जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में साल 2019 के फरवरी महीने की 14 तारीख को आतंकी हमले ने में सीआरपीएफ के हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जवाली विधानसभा क्षेत्र के गांव धेवा जंदरोंह के तिलक राज समेत 40 जवान शहीद हो गए थे। पुलवामा आतंकी हमले की पहली बरसी पर हिमाचल में शहीदों को नमन किया गया।
हिमाचल में पुलवामा हमले के शहीदों को किया नमन, तिरंगा यात्रा निकालकर याद की शहादत
प्रदेश भर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुए। छात्र संगठनों ने तिरंगा यात्राएं निकालीं। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के इंदौरा दौरे पर होने के बावजूद शहीद के घर न आने पर परिजनों और लोगों में मलाल रहा। शहीद तिलकराज युवक क्लब ने धेवा गांव से कोटला तक 30 किलोमीटर लंबी यात्रा निकाली। क्लब के सदस्यों ने शहीद तिलक राज के घर पहुंचकर शहीदों के फोटो के समक्ष ज्योति प्रज्वलित कर व पुष्पांजलि देकर शहीदों की शहादत को याद किया।
शहीद के माता-पिता ने ज्योति प्रज्वलित की। इसके बाद क्लब के बैनर तले यात्रा निकाली गई। इस दौरान तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें... के नारे गूंजे। उन्होंने कहा कि तिलक की अंतिम इच्छा थी कि इलाके में कोई बड़ा खेल मैदान होना चाहिए। तिलक राज ने खुद इसके लिए पैरवी की थी और स्थानीय नेताओं से मिलकर मैदान की बात भी रखी थी। अब लोगों की इच्छा है कि यहां एक मैदान होना चाहिए। वहीं, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धर्मशाला और केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार कैंपस में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।
राजकीय डिग्री कॉलेज जवाली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष दिशांत ने कहा कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले में शहीद हुए सैनिकों में जवाली के धेवा से शहीद तिलकराज भी शामिल थे। उधर, मिनी सचिवालय जवाली में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
वहीं, जवाली में स्थानीय युवा मंडल ने शहीद तिलकराज की याद में कलश यात्रा निकाली। यात्रा में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया और शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद तिलक राज की शहादत पर किए गए वादों को प्रदेश सरकार एक साल बाद भी पूरा नहीं कर पाई है। इसके चलते शहीद के परिजनों ने सरकार के प्रति गहरा रोष है। शहीद की अंत्येष्टि पर मुख्यमंत्री ने गांव के श्मशान की सड़क को पक्का करने, शहीद की प्रतिमा स्थापित करने आदि घोषणाएं की थीं और इन्हें छह महीने के भीतर ही पूरा करने का आश्वासन दिया था। शहीद तिलक राज की पत्नी सावित्री देवी ने नम आंखों से कहा कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। हमारा परिवार आगे भी ऐसे ही देश की रक्षा करेगा।