हिमाचल प्रदेश के डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में प्रोग्रेसिव एग्री लीडरशिप समिट की प्रदर्शनी में पहुंचे करोड़ों के भैंसें आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनमें से एक का नाम रखा है मोदी बुल, उम्र है छह साल और वजन 20 क्विंटल। मुर्राह नस्ल के इस नेशनल चैंपियन के मालिक वीरेंद्र ने बताया कि इसकी कीमत 10 करोड़ रखी गई है। इसके साथ ही इसी नस्ल का नौ साल का रुस्तम भी मौजूद है, जिसका वजन 1800 किलोग्राम है।
इसके मालिक दलेल सिंह ने बताया कि अटारी बॉर्डर पर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बुल्स में आयोजित प्रतियोगिता में रुस्तम को पहला खिताब मिल चुका है। इसकी कीमत 15 करोड़ रखी है। रुस्तम और मोदी दोनों ही रोजाना दूध, गन्ना, फल, सरसों और सोयाबीन, चना, चूरी, मेथी व चोकर सहित करीब एक क्विंटल चारा खा जाते हैं। रुस्तम बुल अंतरराष्ट्रीय चैंपियन है।करोड़ों की कीमत वाले दोनों भैंसों के मालिकों का दावा है कि ये आज तक किसी भी प्रतियोगिता में नहीं हारे।
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जाफ्रावादी देवराज बुल।
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कार्यक्रम में हरियाणा, पंजाब और हिमाचल से आए लोगों और विभागों की ओर से प्रदर्शनी भी लगाई गई, लेकिन इन सब प्रदर्शनियों में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र छह साल का मोदी नामक बुल रहा। नौणी में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर भारत के राज्यों से हर क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया जा रहा है।
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मोदी बुल।
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मोदी बुल के साथ आए वीरेंद्र ने बताया कि जब नरेंद्र मोदी देश के पीएम बने थे तो उस समय इस बुल का जन्म हुआ था। इसके बाद इसका नाम मोदी रखा गया। उन्होंने कहा कि मुर्राह नस्ल का ये बुल देश के साथ-साथ विश्व में भी एक अलग छाप छोड़ चुका है। छह साल का होने पर यह विश्वभर के कई बड़े बुल्स को कई मुकाबलों में पटकनी दे चुका है।
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भैंसा।
- फोटो : अमर उजाला
वीरेंद्र ने कहा कि वह खुद दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने एक बड़ा नौकर बनने के बजाए एक छोटा मालिक बनना उचित समझा। अभी तक दो साल में जितने भी मुकाबले देश भर में हुए हैं, उसमें मोदी बुल अव्वल रह चुका है। अभी इसकी ऊंचाई पौने 5 फुट है, वहीं वजन 20 क्विंटल हो चुका है, जोकि एक सफारी गाड़ी से भी ज्यादा है।
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अंतरराष्ट्रीय चैंपियन बुल रुस्तम
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उन्होंने कहा कि उनके पास डेयरी फार्म पर 17-18 बुल्स हैं। बुल्स भले ही देखने में खूंखार लगते हैं, लेकिन ये बिल्कुल शांत स्वभाव के हैं। वीरेंद्र ने युवाओं से आग्रह किया है कि नौकरी की तरफ न भागकर अपना खुद का एक व्यवसाय स्थापित करें। इसके अलावा प्रदर्शनी में नौ साल का अंतरराष्ट्रीय चैंपियन बुल रुस्तम भी सबके आकर्षण का केंद्र बना रहा।