हिमाचल में एक बार फिर मौसम खराब हो गया है। मंगलवार को प्रदेश की ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं। राजधानी शिमला समेत कई इलाकों में बारिश से कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो गई है। लाहौल-स्पीति में बर्फबारी के बाद झरने, झीलें और पेयजल स्रोत जम गए हैं। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश भर में बारिश, ओलावृष्टि और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को भी मौसम खराब बना रहेगा। इसके बाद दो दिसंबर तक धूप खिलने के आसार हैं। प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
सबसे कम न्यूनतम तापमान केलांग -3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग, मनाली और लाहौल की ऊंची चोटियों पर मंगलवार को बर्फबारी दर्ज की गई। दर्रा और टनल बंद होने से बचाव दल की टीम ने दो लोगों को पैदल ही बर्फ से लकदक रोहतांग पार करवाया।
पूरी लाहौल घाटी प्रचंड ठंड की चपेट में है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां ठंड से नदी-नाले और झरने जम गए हैं। पेड़-पौधों पर भी बर्फ की सफेद चादर लिपटी है। बर्फबारी से लाहौल घाटी देश-दुनिया से कट गई है। रोहतांग दर्रे के बाद अब रोहतांग सुरंग से होकर वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लगने से घाटी से रेफर होने वाले मरीजों के अलावा सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब घाटी से बाहर आने-जाने के लिए हेलीकॉप्टर ही एकमात्र विकल्प रहा है।
उधर, सिरमौर के चूड़धार, मंडी के शिकारी देवी, कमरूनाग, पांगी, भरमौर और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हिमपात शुरू हो गया है। मंडी के बनाला में पहाड़ी से चट्टानें गिरने से मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे मंगलवार सुबह छह बजे से लेकर साढ़े सात बजे तक बंद रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मशीनरी से मलबा हटाया।