पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर हिमाचल के 16 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए जाएंगे। शनिवार को सरकार ने शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा की। 16 में से 13 शिक्षकों का चयन आवेदनों के आधार पर हुआ है। इन शिक्षकों ने शिक्षा की बेहतरी और गुणवत्ता के लिए ये योगदान दिया।
नेरवा स्कूल के प्रधानाचार्य केवल राम चौहान ने अपने 28 वर्ष के सेवाकाल में अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं। नेरवा में प्रधानाचार्य का पदभार संभालने के बाद स्कूल की भूमि खरीद के लिए पूर्व छात्रों को प्रेरित कर करीब तीस लाख रुपये की धनराशि एकत्रित करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही है।
शामठा स्कूल में कार्यरत कला अध्यापक केवल राम कांटा की उपलब्धियां भी काफी प्रशंसनीय रही हैं। उन्होंने नशा निवारण और पौधरोपण, स्वच्छता अभियान और स्कूल छोड़कर गए बच्चों को पुन: शिक्षा के लिए प्रेरित कर स्कूलों में दाखिला करवाने में अहम भूमिका निभाई है ।
कन्या स्कूल सुंदरगनर के डीपीई रमेश चंद वालिया का राज्य स्तरीय शिक्षक अवार्ड के लिए चयन हुआ है। उन्होंने 24 अक्तूबर 1998 में पीईटी के तौर पर करसोग स्कूल से सेवाएं शुरू की थीं। उन्हें समता साहित्य अकादमी गोवा में 29 मई 2017 में नेशनल क्रीड़ा रत्न अवार्ड और विदर्भ कला साहित्य परिषद पुणे में 23 जुलाई 2017 को नागपुर में हिमाचल रत्न के अवार्ड से नवाजा जा चुका है। वर्ष 2015 सिंगापुर में 36वीं सिंगापुर मास्टर ओपन ट्रैक एंड फील्ड चैंपियनशिप की जेवलिन थ्रो स्पर्धा में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता था। कोचिंग के दौरान 18 खिलाड़ी नेशनल खेल चुके हैं और कई छात्र राष्ट्रीय मेडल जीत चुके हैं।
केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला कुफरी में पिछले दो साल से पढ़ा रही जेबीटी शिक्षिका अंकिता वालिया पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान पाएंगी। उनकी पढ़ाने की अलग और रोचक कला के चलते वे यह सम्मान पाएंगी। अंकिता ने अपने आप ही क्लास रूम की बोर लेक्चर देकर पढ़ाने के तरीके को छोड़कर खेल-खेल में पढ़ाने और हर विषय को समझाने के तरीके विकसित किए हैं। इसमें प्ले वे सामग्री, प्रोजेक्ट और गतिविधि आधारित शिक्षण करवाती हैं। जिसे बच्चे अच्छे से समझ लेते हैं।