तस्वीरें: जानिए 'कलम' का इतिहास, कहां से हुई शुरूआत
शब्दों को स्वरूप देने वाली कलम का इतिहास भी बेहद रोचक है। ताम्रपत्रों से लेकर पेपर में लिखने के लिए इस्तेमाल होने वाली कलम और आज के पैन ने लंबा सफर तय किया है। बड़ा दिलचस्प है, जरूर पढ़िए..
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कलम का सफर बहुत लंबा है, माना जाए तो सदियों पुराना। देवताओं में सबसे पहले श्री गणेश भगवान ने महाभारत लिखने के लिए अनोखी कमल का अविष्कार किया। देवताओं को यदि अलग कर दें तो वर्तमान इराक के मेसोपोटामिया में संसार की पहली कलम का अविष्कार हुआ था, तो चलते हैं कलम के इस सुहाने सफर पर, आईए चलते हैं..
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जब महर्षि वेद व्यास ने महाभारत को लिखवाना प्रारंभ किया तो, उनके लिपिक थे विघ्न विनाशक गणेश। उन्होंने शर्त रखी की रखी वेद व्यास उन्हें लिखते समय एक बार भी, नहीं रोकेंगे। शर्त मंजूर हो गई। ताड़ लिखने के लिए इकट्ठा कर लिए गए। मगर सवाल उठा कि ऐसी कलम कहां से आएगी जो बिना रूके चलती रहे? गणेश जी ने तुरंत पना एक दंत तोड़ा औरउसके नुकीले भाग से लेखनी बनाकर महाभारत पूरी करके ही छोड़ा।
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देवताओं को यदि अलग कर दें तो दुनिया में सबसे पहले कलम का अविष्कार मेसोपोटामिया अर्थात वर्तमान इराक के निवासियों ने आज से करीब पांच हजार वर्ष पूर्व किया था।
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भारत में इसका श्रेय हड़प्पा और मोहनजोड़ों के चार से पांच हजार वर्ष पूर्व के निवासियों को दिया जाता है।