मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विस क्षेत्र की प्राथमिक पाठशाला पनेश सरकार के शिक्षा पर करोड़ों खर्च करने के दावों की पोल खोल रहा है। स्कूल भवन बिना छत के ही चल रहा है।
मई माह में इस स्कूल की छत उड़ गई थी। कमरे की छत उड़ जाने के बाद से आज तक इसे ठीक नहीं करवाया गया। इस कारण बारिश हो जाने पर उक्त कमरे के साथ नीचे के कमरों में भी बरसात का पानी टपकने से इसे कक्षाएं लगाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा पा रहा है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जगदीश ठाकुर, गलोट पंचायत प्रधान दलीप ठाकुर का कहना है कि मई माह से लेकर विभाग को उड़ी छत को ठीक करवाए जाने की मांग उठाई जा रही है।
आज तीन माह बीत जाने पर भी छत को ठीक नहीं करवाया गया, जिससे इस उड़ी छत वाले कमरे में किए गए सिंगल ईंट के निर्माण के कारर्ण इंट छात्रों पर गिर सकती हैं। इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
पंचायत प्रधान और अभिभावकों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण बरसात के दिनों में आजकल पांचों कक्षाएं एक साथ बिठानी पड़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि बारिश होने पर सिर्फ एक कमरा ही बचता है, जिसमें बच्चे और शिक्षक एक साथ बैठते है। ऐसे में पढ़ाई करवाना मुश्किल हो रहा है।