टीसीपी क्षेत्र में आने वाले फोरलेन प्रभावितों को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है। पहले लोगों को फोरलेन के लिए जमीन छोड़नी पड़ी और अब टीसीपी एक्ट लागू होने से प्रभावितों को तीन से पांच मीटर जमीन से हाथ धोना पड़ेगा। टीसीपी के दायरे में आने के बाद जिन लोगों को फोरलेन किनारे मकान या व्यावसायिक भवन बनाना होगा तो उनके सेटबैक नियमों के अनुसार छोड़ना पड़ सकता है। कई फोरलेन प्रभावितों के पास मकान बनाने के लिए पहले से ही कम जमीन बची थी और अब टीसीपी के दायरे में आने के बाद और जमीन चली जाएगी। ऐसे में उन्हें मकान तक के लिए जमीन नहीं बचेगी। फोरलेन प्रभावित सरकार से यह मामला सुलझाने की मांग कर रहे हैं।
टीसीपी एरिया में मिलने से हजारों फोरलेन प्रभावितों पर दोहरी मार
विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 01 Nov 2018 01:53 PM IST
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