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तस्वीरें: नम आंखों से शहीद अंकुश को अंतिम विदाई, मां और छोटा भाई बेसुध

Fri, 19 Jun 2020 09:59 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 19 Jun 2020 09:59 PM IST
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mortail remains of the martyr Ankush reached home, the younger brother in unconscious, every eye moist
शहीद अंकुश ठाकुर की पार्थिव देह घर पहुंची - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल के हमीरपुर जिले की भोरंज तहसील के कड़ोहता गांव के शहीद वीर जवान अंकुश ठाकुर का शुक्रवार देर शाम राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। शहीद की चिता को छोटे भाई आदित्य ठाकुर ने मुखाग्नि दी। शहीद की अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा। गुस्साए लोगों ने चीन मुर्दाबाद के नारे लगाए। मौसम खराब होने के चलते पार्थिव देह चंडीगढ़ से हेलीकाप्टर में भोटा तक नहीं लाई जा सकी। चंडीगढ़ से शहीद को लेकर आ रहे सेना के काफिले पर ऊना से लेकर हमीरपुर तक लोगों ने तिरंगे लेकर पुष्प वर्षा की। गौर हो कि 15 जून को गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में हिमाचल के वीर सपूत अंकुश समेत देश के 20 जवानों ने शहादत पाई थी। पार्थिव देह घर पहुंचते ही शहीद की मां और छोटा भाई बदहवास हो गए।

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- फोटो : अमर उजाला

‘जब तक सूरज चांद रहेगा, अंकुश ठाकुर तेरा नाम रहेगा, अंकुश भाई अमर रहे’ नारों के साथ सैकड़ों लोगों ने अश्रुपूर्ण विदाई दी। शहीद अंकुश ठाकुर की मां ऊषा देवी अपने लाडले की पार्थिव देह देख बेसुध होकर बेहोश हो गई। कभी अपने भाई तो कभी मां को देखते हुए 13 वर्षीय छोटा भाई आदित्य भी बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा।

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- फोटो : अमर उजाला

 लोगों द्वारा पानी के छींटे देकर बड़ी मुश्किल से दोनों को होश में लाया गया। माहौल गमगीन था, हर किसी आंख नाम थी और दिल में गुस्से का गुबार।  शुक्रवार शाम करीब पांच बजे शहीद अंकुश की पार्थिव देह भोरंज स्थित उसके घर पहुंची। लेह से हवाई मार्ग के जरिये पार्थिव देह को शुक्रवार सुबह चंडीगढ़ लाया गया, जिसके बाद चंडीगढ़ से एंबुलेंस में हमीरपुर पहुंचाया।

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- फोटो : अमर उजाला

नंगल से पुलिस की गाड़ी और दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ अंकुश की पार्थिव देह घर पहुंची। वहां मौजूद हर शख्स रो पड़ा। पिता हवलदार अनिल कुमार और अन्य परिजन भी फूट-फूट कर रोए। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेलेवतन पर मरने वालों का बाकी यही निशां होगा।  

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- फोटो : अमर उजाला

जब तक सूरज-चांद रहेगा, शहीद अंकुश ठाकुर का नाम रहेगा और भारत माता के जयघोष गूंज रहे थे। ऊना से लेकर हमीरपुर तक लोगों ने सड़क किनारे तिरंगा लहराते हुए और फूलों की बरसात करते हुए शहीद अंकुश ठाकुर अमर रहे और चीन मुर्दाबाद के नारे लगाए। 

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