हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान हुआ। शहर के 153 मतदान केंद्रों पर सुबह 8:00 बजे से ही मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई थी। शहरवासियों ने शाम 4:00 बजे तक अपने नजदीकी मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान किया। बारिश के बावजूद मतदान को लेकर युवाओं से लेकर महिलाओं व बुजुर्गों में भारी उत्साह देखा गया। सुबह 8:00 बजे से ही लोग मतदान केंद्र में पहुंचने शुरू हो गए थे। कई जगह भारी बारिश में भीड़ के चलते लोगों को एक से डेढ़ घंटे तक लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। कुछ बुजुर्ग महिलाओं की मतदान में युवतियों ने सहायता भी की।
युवा पहली बार मत का इस्तेमाल कर खुश दिखे। युवाओं का कहना है कि जिम्मेदार नागरिक वहीं है जो अपने मत का इस्तेमाल करता है। युवा देश का भविष्य है इसलिए मतदान करना हमारी जिम्मेदारी है। 34 वार्डों के लिए हो रहे नगर निगम चुनाव में इस बार 102 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। एमसी शिमला में करीब 93,920 मतदाता हैं। जिला निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधी सभी तैयारियां सोमवार शाम को ही पूरी कर दी थीं। शहर के मतदान केंद्रों पर करीब 1000 कर्मचारी तैनात किए गए। सभी मतदान केंद्रों पर कर्मचारियों से लेकर सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
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मतदाता।
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विकासनगर सबसे बड़ा वार्ड
शिमला नगर निगम चुनाव में इस बार 93,920 मतदाता वोट डाल सकेंगे। इनमें 49759 पुरुष मतदाता और 44161 महिला मतदाता शामिल हैं। शहर का विकासनगर सबसे बड़ा वार्ड है। यहां 4,161 मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। वहीं मल्याणा सबसे छोटा वार्ड है। यहां 1166 मतदाता हैं।
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कुफ्टाधार वार्ड।
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149 मतदान केंद्रों में 10 केंद्र अति संवेदनशील, 40 संवेदनशील, 99 सामान्य मतदान केंद्र घोषित किए हैं। अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया की वेब कॉस्टिंग की गई।
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एचएएस अधिकारी नीरज चांदला ने भी किया मतदान।
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इस बार पार्टी चिह्न पर चुनाव
नगर निगम चुनाव इस बार पार्टी चिह्न पर हो रहे हैं। मतदाताओं ने अपने उम्मीदवार के पार्टी चिह्न का बटन दबाकर वोट डाला। 34 वार्डों के चुनाव के लिए कुल 102 प्रत्याशियों में कांग्रेस के 34, भाजपा के 34, आप के 21, माकपा के चार जबकि 9 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
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टुटू वार्ड।
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बुजुर्ग मतदाता गुर नाम सिंह व उनकी पत्नी गुर साग सिंह ने कहा हम कभी भी वोट डालना नहीं भूलते। यह हमारा अधिकार है। हमने अपने इलाके की समस्याओं को मद्देनज़र रखते हुए अपना वोट दिया है। फकीर चंद (90) ने कहा- बीमार रहता हूं लेकिन फिर भी वोट डालने आया हूं। कहा कि जब तक जिंदा हूं तब तक वोट डालता रहूंगा।