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चुनाव परिणाम 2019: सीएम फैक्टर से मंडी में सुखराम और कांग्रेस की जुगलबंदी चारों खाने चित
अखिलेश महाजन, अमर उजाला, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 23 May 2019 05:41 PM IST
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कांग्रेस की पारंपरिक सीट मंडी संसदीय क्षेत्र में जयराम फैक्टर खूब चला। चुनावी नतीजों ने सुखराम और कांग्रेस की जुगलबंदी को चारों खाने चित ही नहीं किया, बल्कि भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप को ऐतिहासिक रिकॉर्ड जीत भी दिला दी। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और सुखराम का साथ भी मंडी में कांग्रेस की नैया को डूबने से नहीं बचा सका। यही नहीं, मंडी सदर को अपना सबसे मजबूत किला मानने वाले सुखराम परिवार को यहां बड़े मार्जिन से हार का सामना करना पड़ा।
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सुखराम के पोते आश्रय अपने बूथ में ही भाजपा से पिछड़ गए। वहीं, वीरभद्र के वर्चस्व वाली रामपुर, किन्नौर और भरमौर तक से कांग्रेस को बढ़त नहीं मिली। सूबे में राजनीति के इतिहास में पहली बार मंडी से जयराम का चेहरा सीएम के लिए चुना गया। हालांकि मौके पहले भी आए, लेकिन दिग्गज नेताओं के वर्चस्व की लड़ाई के कारण यह संभव नहीं हो सका। लिहाजा, सीएम मिलने का गौरव जो मंडी की जनता को मिला था, उसका लोगों ने मान रखा। चुनावों के दौरान मोदी की पड्डल रैली में खेला गया सहानुभूति और अपनत्व का कार्ड भी मंडी में ऐतिहासिक जीत का एक कारक माना जा रहा है।
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बार-बार दल बदलना सुखराम परिवार को महंगा पड़ गया। सुखराम परिवार ने डेढ़ साल में तीन बार दल बदला था जिसे मतदाताओं ने नकार दिया। हालांकि, पंडित सुखराम और कांग्रेस के पूर्व सीएम वीरभद्र का मिलना चर्चा में रहा और इसे कांग्रेस में नए रक्त के संचार के रूप में लिया गया, लेकिन जुबानी जंग और आपसी कड़वाहट यहां जारी रही और वीरभद्र के सबसे मजबूत क्षेत्रों तक से आश्रय को लीड नहीं मिल पाई।
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कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय
- फोटो : फाइल फोटो
हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय ने हार का रिकॉर्ड बना दिया है। 1996 के लोकसभा चुनावों में आश्रय के दादा पंडित सुखराम के नाम सबसे अधिक अंतर से जीत का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने अदन सिंह को 1,53,223 मतों से हराया था। सुखराम ठाकुर को 1996 में 3,28,186 वोट पड़े थे। वहीं अदन सिंह को 1,74,963 मत पड़े थे। इस बार भाजपा के रामस्वरूप शर्मा ने 2.50 लाख से अधिक मतों के मार्जिन से जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया है।
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सीएम जयराम ठाकुर के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनका गृह विधानसभा क्षेत्र सराज था। यहां पिछले 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा 1400 मतों से पिछड़ी थी। जयराम ठाकुर अपने ही गृह क्षेत्र में सांसद रामस्वरूप को लीड दिलाने में नाकाम रहे थे। लेकिन इस बार सराज की जनता ने बंपर वोट डाले और सराज से रामस्वरूप को 37,147 मतों से लीड मिली है। यहां भाजपा को 49164, कांग्रेस को 12047, सीपीआईएम को 732 को वोट मिले हैं।
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