देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड सुनामी के बीच भाजपा ने हिमाचल में जीत के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। जनता ने छप्पर फाड़ समर्थन देते हुए एक बार फिर प्रदेश की सभी चारों लोकसभा सीटें पीएम मोदी की झोली में डाल दी हैं। रिकॉर्ड जीत दर्ज करते हुए भाजपा ने लगातार दूसरी बार क्लीन स्वीप किया है। मोदी की आंधी में उड़ी कांग्रेस चारों खाने चित हो गई।
कांगड़ा से किशन कपूर, शिमला से सुरेश कश्यप, मंडी से फिर रामस्वरूप शर्मा और हमीरपुर से लगातार चौथी बार अनुराग ठाकुर ने जीत दर्ज की है। आम चुनाव में मोदी मैजिक का आलम यह रहा कि करीब 4 लाख 77 हजार 623 मतों के अंतर से कांगड़ा से प्रत्याशी किशन कपूर ने अब तक की सबसे बड़ी रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। किशन कपूर को 7,25,218 जबकि हारे प्रत्याशी पवन काजल को 2,47,595 वोट मिले।
मंडी से रामस्वरूप शर्मा को 6,47,189 मत और उनके प्रतिद्वंद्वी आश्रय को 2,41730 मत मिले। हमीरपुर से भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर 682692 और उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के रामलाल को 283120 वोट पड़े। यह हिमाचल के इतिहास में अब तक की चारों संसदीय सीटों पर सबसे बड़ी जीत है।
शिमला से सुरेश कश्यप को 6,06,183 मत मिले, जबकि धनीराम शांडिल को 2,78,668 मत मिले। हिमाचल के इतिहास में अब तक की चारों संसदीय सीटों पर सबसे बड़ी जीत है। वर्ष 2014 में भी मोदी लहर में भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर चारों सीटें जीती थीं। उस वक्त कांगड़ा से भाजपा प्रत्याशी शांता कुमार की 1,70,072 की सर्वाधिक लीड थी।
लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 45 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा प्रत्याशियों से बुरी तरह हारे कांग्रेस उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी अन्य दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। लोकसभा चुनाव में पहली बार सूबे के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने बढ़त हासिल की।