कोटखाई की गुड़िया जीना चाहती थी। दुराचार करने के बाद जब मुख्य आरोपियों ने उसे मारने की योजना बनाई तो गुड़िया बुरी तरह डर गई। आंखों में आंसू लिए इस गुड़िया के मुंह से निकले अंतिम शब्द थे- ‘जो करना है करो, लेकिन मुझे जान से मत मारो। मैं जीना चाहती हूं, मैं किसी का नाम नहीं बताऊंगी।’
गैंगरेप एंड मर्डर: दरिंदों ने बताया ये थे गुड़िया के आखिरी शब्द
धर्मेन्द्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 17 Jul 2017 01:04 PM IST
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