हिमाचल प्रदेश पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में बाहरी राज्यों के युवकों को अवैध तरीके से परौर केंद्र में भेजने का सरगना जवाली (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश) का बिक्रम पुत्र बंसी लाल निवासी दरकाटी (कांगड़ा) को माना जा रहा है। बिक्रम के नाम का खुलासा परीक्षा केंद्र में हाईटेक उपकरणों के साथ पकड़े गए जवाली के ही युवक ने पुलिस पूछताछ के दौरान किया।
युवक के बयान के बाद ही पुलिस ने आरोपी के घर दबिश दी और आरोपी के घर से 11 लाख रुपये का कैश बरामद हुआ। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश की जा रही है।
कांगड़ा पुलिस ने परीक्षा केंद्र में गड़बड़ियों की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। डीआईजी संतोष पटियाल ने बताया कि डीएसपी पालमपुर अमित शर्मा को एसआईटी का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा अन्य सदस्य भी होंगे। उन्होंने कहा कि सभी आरोपी परीक्षा देने से पहले ही पकड़ लिए हैं। कांगड़ा के एसपी विमुक्त रंजन ने बताया कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
हिमाचल पुलिस में कांस्टेबल भर्ती में दूसरों की जगह लिखित परीक्षा देते छह युवकों समेत कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में लिखित परीक्षा रद्द कर दी है। सीआईडी और कांगड़ा पुलिस ने सात युवक परौर सत्संग भवन परीक्षा केंद्र में पकड़े। इनमें छह शातिर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के सॉल्वर हैं, जो दूसरों की जगह परीक्षा हॉल में बैठ गए थे। इनसे पूछताछ के बाद परीक्षा में मदद करने आए पांच अन्य लोगों को केंद्र से बाहर से गिरफ्तार किया है। कांगड़ा की जवाली तहसील में एक परीक्षार्थी को हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करते दबोचा।
युवक से स्मार्ट चिप युक्त कैमरा और ईयर पिन बरामद की गई। परीक्षा केंद्र में निरीक्षण के दौरान बाहरी राज्य का एक सॉल्वर घर का सही पता नहीं बता पाया। उसका आधार कार्ड भी हरियाणा का निकला। इसके बाद पांच अन्य युवक पकड़े गए। उधर, हमीरपुर में एक युवक को जाली एडमिट कार्ड से परीक्षा देने की कोशिश करते पकड़ा। बता दें कि पुलिस की दबिश देर रात तक जारी रही। कुछ और संदिग्ध की गिरफ्तारी हो सकती है।