जयराम सरकार के जनमंच कार्यक्रम की भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सराहना कर चुके हों, लेकिन इसे अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीरता से नहीं ले रहे। शिकायतें न सुलझने से नाराज जनता की तल्खी भी मंत्रियों को झेलनी पड़ रही है। अधिकारियों से मंत्री उलझ रहे हैं। भरे मंच से अफसरों को सस्पेंड करने की चेतावनी दी जा रही है, लेकिन जनता के मसले जस के तस हैं। कई अधिकारी सार्वजनिक फटकार के बावजूद जनता की समस्याओं को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। शिमला के चौड़ा मैदान में रविवार को आयोजित जनमंच में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और भाजपा समर्थित नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट उलझ पड़े। गुस्साए मंत्री कार्यक्रम से जाने लगे तो मंत्री सरवीण चौधरी ने मामला शांत करवाया। तस्वीर में सोलन के जुब्बड़ में जनमंच कार्यक्रम में पानी न मिलने के मुद्दे को लेकर छलक आए एक बुजुर्ग की आंखों में आंसू।
सोलन के जुब्बड़ में ऊर्जा मंत्री अनिल के सामने लोगों ने आईपीएच विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप जड़ दिए। उन्होंने अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सीमेंट और पैसों के गोलमाल का आरोप लगाया। मंत्री के जांच के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए। कुल्लू के सैंज में मरीज की पर्ची न बनाने और बिजली-पानी की समस्या न सुलझाने पर खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने अफसरों को सस्पेंड करने की चेतावनी तक दे डाली। सिरमौर के राजगढ़ में कृषि मंत्री रामलाल मारकंडा ने आईपीएच के अधिकारियों को चेताया कि 15 दिन में पेयजल समस्या का समाधान न किया तो सस्पेंड कर देंगे।
हमीरपुर के लंबलू में पंधेड़ सहकारी सभा के गबन का मामला उठा। विस अध्यक्ष राजीव बिंदल को मौके पर जांच के आदेश देने पड़े। चंबा के चुराह में आयोजित जनमंच से कई अधिकारी नदारद रहे। विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने गैरहाजिर अधिकारियों की सूची मांगी और कहा कि उन पर कार्रवाई होगी। मंडी के कटौला में भी स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने शिकायतों का समाधान न होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
गगरेट में मंत्री वीरेंद्र कंवर के समक्ष एक फरियादी महिला दस्तावेजों से भरी मोटी फाइल लेकर आईं और कहा कि उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। दस्तावेज ही मांगे जा रहे हैं। उसने कहा कि पति की मौत हो चुकी है। बीमार बेटा बिस्तर पर है। जमीन है नहीं। कैसे इलाज कराएं। इस पर नाराज मंत्री ने मौके पर ही उसका हेल्थ कार्ड बनवाकर दिया।
शिमला के जनमंच में भाजपा की पूर्व पार्षद रजनी सिंह ने कहा कि बिजली-पानी के कनेक्शन के ढेरों आवेदन एमसी दफ्तर में पड़े हैं। अधिशासी अभियंता ने इससे इंकार किया तो रजनी ने इसे झूठ करार दिया। जब उनसे ऐसे आवेदनों की शिकायत मांगी तो वे नहीं दे पाईं। मेयर ने भी झूठ बोलने की बात कही तो मंत्री भारद्वाज भड़क गए और कहा कि यह मंच सवाल पूछने के लिए नहीं, जवाब देने के लिए है। आपको उनकी बात सुननी चाहिए। ये तरीका ठीक नहीं है। इस पर मंत्री उठकर जाने लगे तो मंत्री सरवीण चौधरी ने उन्हें शांत कर बैठाया।