देश भर में अपना डंका बजाने वाले इस खिलाड़ी को ऐसा ईनाम मिलेगा, किसी ने सोचा न था। चैंपियन खिलाड़ी की कहानी ऐसी है कि सबकी आंखें नम हो जाती हैं। कभी एक के बाद एक नेशनल खेलकर जो सबका चहेता बन गया था वही आज परिवार पालने के लिए जूते बनाता है। जो बड़े ईनाम का हकदार था, उसकी सरकार ने मदद तक नहीं की। आइए जानते हैं संघर्ष की मिसाल बने सुभाष चंद की पूरी कहानी-
जूते बनाकर पेट पालने को मजबूर हुआ चैंपियन खिलाड़ी, कहानी जान रो देंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sat, 10 Sep 2016 02:49 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन