हिमाचल में सितंबर में भी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश हुई है। बारिश, भूस्खलन और सांस की दिक्कत के चलते यात्रा के पहले ही दिन मणिमहेश यात्रियों समेत चार की मौत हो गई। एक महिला उफनती खड्ड में बह गई है, जबकि एक को बचा लिया गया। कुल्लू में 17 मील के पास ब्यास नदी में पालमपुर निवासी हरपाल का शव मिला है। प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से छोटी-बड़ी करीब 80 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
मणिमहेश यात्रा पर निकली डलहौजी के वासा गांव की गुड्डो देवी (55) की सुंदरासी में पहाड़ी से पत्थर गिरने से मौत हो गई। घुमारवीं के हेमराज (47) ने दुनाली में सांस की दिक्कत के चलते दम तोड़ दिया। अमृतसर के मणिमहेश यात्री की चंबा अड्डे पर तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मंडी के लडभड़ोल में शनिवार देर शाम सियुन खड्ड में कपड़े धोती दो प्रवासी महिलाएं बह गईं। एक को स्थानीय लोगों ने बचा लिया, एक का कोई अता-पता नहीं चला है।
भारी बारिश और भूस्खलन से शिमला-हाटकोटी-रोहड़ू मार्ग रविवार सुबह यातायात के लिए बंद रहा। पट्टी ढांक और निहारी के पास मलबा सड़क पर आने से छोटे वाहन वाया टाहू और वाया नारकंडा भेजे जा रहे हैं। परिवहन निगम की बसें भी वाया नारकंडा होकर रोहड़ू जा रही हैं। दोनों मार्गों पर लंबा जाम लगा रहा।
चंबा में कालीधार के पास भूस्खलन के चलते चुवाड़ी-लाहड़ू सड़क बंद हैं। पठानकोट-मंडी एनएच पर कोटरोपी के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात अवरुद्ध हो गया। नूरपुर-चुवाड़ी-जोत से सफर करने वाले मणिमहेश यात्री भी कालीधार के पास फंसे रहे। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते बस चालकों को जोखिम न उठाने के निर्देश दिए हैं।
हमीरपुर के सुजानपुर के झलाण गांव के एक घर पर बिजली गिरने से मकान क्षतिग्रस्त हो गया और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए। भोरंज के कोहटा गांव के प्रकाश चंद का रिहायशी मकान बारिश में ढह गया है।