सात माह की गर्भवती अपनी कोख में पल रहे नवजात की जिंदगी के लिए बर्फ से लदे ग्लेशियर को पैदल पार कर अस्पताल पहुंची। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के कबायली क्षेत्र पांगी की महिला का ही जज्बा है कि उसने कड़ाके की ठंड में अपने पति और परिजनों के साथ गांव से अस्पताल का 29 किलोमीटर का रास्ता पैदल ही तय किया।
किलाड़ अस्पताल में भर्ती महिला और उसकी कोख में पल रहे बच्चे को चिकित्सकों ने सकुशल बताया है। भारी बर्फबारी के चलते कबायली क्षेत्र पांगी देश-दुनिया से कट गया है। परमार गांव की गर्भवती संगीता को वीरवार सुबह प्रसव पीड़ा आरंभ हुई।
घर से 29 किलोमीटर दूर किलाड़ में अस्पताल तक पहुंचने का कोई साधन न होने पर संगीता ने अपने पति पत्नी रमेश कुमार के साथ पैदल ही अस्पताल जाने की बात कही। संगीता अपने पति के सहारे कुमार नाला और नाले के साथ-साथ ग्लेशियर की बाधा पार कर दोपहर दो बजे अस्पताल पहुंची। चिकित्सक अजय शर्मा ने बताया कि संगीता का चेकअप किया गया, जिसमें सब ठीक है।
आसमान से गिरी सफेद आफत से पहले ही बेहाल हो चुके हिमाचल में दोबारा बर्फबारी ने दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। शिमला, मनाली, डलहौजी समेत सूबे के छह जिलों में चार दिन के भीतर दूसरी बार भारी हिमपात से जनजीवन फिर ठहर गया है। हिमाचल दिवस पर शुक्रवार को बर्फबारी के चलते पांच नेशनल हाईवे समेत प्रदेश में छोटी-बड़ी करीब 600 सड़कें बंद हो गई हैं।
राजधानी शिमला से अपर शिमला का संपर्क फिर कट गया है। लाहौल, किन्नौर, शिमला, कुल्लू, चंबा और मंडी के कई गांव अलग-थलग हो गए हैं। पहाडों की रानी शिमला एक बार फिर बर्फ से लकदक हो गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के चलते पूरा हिमाचल ठंड से कांप गया है।