हिमाचल में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि से जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। बद्दी में बंद फैक्टरी की दीवार गिरने से झुग्गियों में सो रहे 4 बच्चों समेत 8 लोगों की दबकर मौत हो गई, जबकि 7 गंभीर रूप से घायल हो गए। चंबा जिले की लूगड़ी पंचायत में बादल फटने से फसलें तबाह हो गई हैं। भरमौर के दरूण धार में बिजली गिरने से 69 भेड़-बकरियों की मौत हो गई। प्रदेश भर में अंधड़ से कई घरों की छतें उड़ गईं तो भारी बारिश से घरों व दुकानों में मलबा घुस गया। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात और पोल-तार टूटने से बिजली सप्लाई ठप हो गई। कई वाहनों पर भी पेड़ गिरे हैं। ओलावृष्टि से सेब, आम, प्लम और लीची की फसल तबाह हो गई है।
हिमाचल में बारिश-अंधड़ का कहर, 4 बच्चों समेत 8 की मौत
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औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के सुराजमाजरा में मंगलवार देर रात करीब एक बजे बंद फैक्टरी की 15 फीट ऊंची और 50 फीट लंबी दीवार का एक हिस्सा झुग्गी-झोपड़ियों पर गिर गया। चीख पुकार सुनकर लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी जबकि सात को सीएचसी बद्दी पहुंचाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए पांच घायलों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
हादसे का शिकार हुए सभी लोग उत्तर प्रदेश के रामपुर और बदायूं जिले के हैं। मरने वालों की पहचान अशरफी लाल (35), इनके दो बच्चे सलेश (15) और प्रीती (14), संतोष (35) पुत्र महेंद्र, निवासी अखियापुर, इनकी पत्नी माया (30), आशा (40) और इनके दो बच्चे राजू (5), जुमनी (5) पुत्र किरा शामिल हैं। अशोक, कर्ण सिंह, मोनिका, सवित्री, अनमोल, अंजलि और सन्नी घायल हैं। एसडीएम नालागढ़ आशुतोष गर्ग और एसपी बद्दी बशेर सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार, जबकि घायलों को 10-10 हजार रुपये की फौैरी राहत दी गई है। एसडीएम ने बताया कि हादसे की जांच की जाएगी।
रामपुर-ब्रौ मार्ग कई घंटों तक बंद रहा। छात्रा स्कूल परिसर में मलबा घुस गया है। एनएच पांच और रामपुर ब्रौ मार्ग पर कई वाहनों के शीशे टूटे हैं। सेब को 70 जबकि नकदी फसलों को 80 से 90 फीसदी नुकसान हुआ है। बिलासपुर में आम, प्लम और लीची की फसलें बर्बाद। धौंन कोठी में टावर लाइन में धमाका। कई जगह पेड़ गिरे हैं। सिरमौर में मलबे से कई सड़क मार्ग बंद। कई सरकारी और निजी बसें सड़कों पर फंसीं हुई हैं। गिरिपार और सैनधार इलाके की कई पंचायतों में बिजली गुल। कई घरों की छतें भी उड़ीं।
मंडी में जोनल अस्पताल पर पेड़ गिरने से पार्किंग में खड़े पांच वाहन क्षतिग्रस्त। सराज और धर्मपुर में सबसे अधिक नुकसान। कई ग्रीन हाउस उखड़े। सोलन में बसाल में गौशाला की छत उड़ी। कंडाघाट में तहसील के पुराने भवन, कुनिहार में बिजली के खंभे पर पेड़ गिरे। कुनिहार में बिजली आपूर्ति ठप। नौणी में घर में मलबा घुसा। कांगड़ा में डॉक्टर कॉलोनी में छतें उड़ीं। जगह-जगह लाइनों पर पेड़ गिरने से बिजली गुल। जयसिंहपुर के द्रमण खेड़ी में पशुशाला ध्वस्त। थुरल की भ्रांता पंचायत में मकान पर पेड़ गिरने से परिवार के 20 लोग बाल-बाल बच गए। लंज में कई मकानों के स्लेट उड़े।