हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से निपटने के लिए देश के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया गया। यह पैकेज कमजोर वर्गों, व्यवसाय समुदाय, श्रमिकों और आम जनता को राहत प्रदान करके देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। यह पैकेज एक मजबूत, जीवंत और आत्मनिर्भर भारत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। कैबिनेट ने प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए कई फैसले लिए हैं।
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज
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हिमाचल के उद्योगों में कामगारों को किसी भी तिमाही में 115 घंटे का ओवरटाइम मिलेगा। पहले श्रमिकों को 75 घंटे का ओवरटाइम लिया जाता था। हालांकि, इसके लिए उन्हें दोगुनी दिहाड़ी देनी होगी। सरकार ने यह व्यवस्था छोटे उद्योगों या लघु औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए की है।
हिमाचल कैबिनेट ने तीन मौजूदा कानूनों फैक्ट्री एक्ट 1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 और अनुबंध कामगार अधिनियम 1970 की विभिन्न धाराओं के संशोधन का फैसला लिया है। विधानसभा सत्र में इस संबंध में विधेयकों का पारण होगा। छोटी औद्योगिक इकाइयों में अनुबंध कामगारों की संख्या 20 से बढ़ाकर 30 की जाएगी।
छोटी फैक्ट्रियों और लघु औद्योगिक इकाइयों में भी 10 और 20 से बढ़ाकर 20 और 40 होगा। इस संशोधन के बाद बिजली से चलने वाले उद्योगों में कामगारों की संख्या दस से बढ़ाकर बीस की जाएगी, जबकि बिना बिजली से चलने वाले उद्योगों में कामगारों की संख्या 40 हो जाएगी। औद्योगिक विवाद अधिनियम भी सरल किया जाएगा।
हिमाचल कैबिनेट ने एक साल के लिए करदाताओं को डिपो में मिलने वाले राशन की सब्सिडी से बाहर कर दिया है, जबकि एपीएल उपभोक्ताओं को राशन में मिलने वाली सब्सिडी आधी कर दी। बुधवार को पीटरहॉफ शिमला हिमाचल कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने बीपीएल परिवार की सालाना आय सीमा बढ़ाने को भी मंजूरी दी। 45 हजार रुपये सालाना आमदनी वाले लोग अब गरीबों की श्रेणी में आएंगे। सरकार के इस फैसले से डेढ़ लाख राशन कार्ड उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। एपीएल के ये लोग एनएफएसए में गरीब परिवारों की श्रेणी के तहत कवर होंगे।