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Himachal News: हिमाचल में पर्यटन वाहनों को बड़ी राहत, अब 15 साल तक जारी रहेगा ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट
Tue, 21 Jul 2026 03:04 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 21 Jul 2026 03:04 PM IST
सार
हिमाचल सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाहनों की संचालन अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी है। इस फैसले से पर्यटन उद्योग और टैक्सी संचालकों को आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, सभी वाहनों के लिए फिटनेस, बीमा और प्रदूषण संबंधी नियम पहले की तरह अनिवार्य रहेंगे।
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हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट गाड़ियों की परमिट अवधि 12 साल से बढ़ाई
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े वाहन संचालकों को बड़ी राहत देते हुए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाले वाहनों की अधिकतम संचालन अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों टैक्सी ऑपरेटरों, टूरिस्ट कैब संचालकों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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प्रदेश में पर्यटन उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। हर साल लाखों पर्यटक हिमाचल पहुंचते हैं, जिनकी आवाजाही का बड़ा जिम्मा निजी टैक्सी और टूरिस्ट वाहनों पर होता है। ऐसे में वाहन संचालक लंबे समय से परमिट अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि 12 वर्ष पूरे होने के बाद वाहन बदलना आर्थिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होता है, जबकि कई वाहन तकनीकी रूप से अच्छी स्थिति में होते हैं और सुरक्षित संचालन के योग्य रहते हैं।
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सरकार के ताजा निर्णय के बाद अब ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाले वाहन निर्धारित फिटनेस मानकों को पूरा करने की स्थिति में 15 वर्ष तक संचालित किए जा सकेंगे। इससे वाहन मालिकों को नया वाहन खरीदने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और उनके आर्थिक बोझ में भी कमी आएगी।
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हालांकि, परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संचालन अवधि बढ़ाने का अर्थ यह नहीं है कि वाहन बिना जांच के सड़क पर चल सकेंगे। सभी वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम और परिवहन विभाग के नियमों के तहत समय-समय पर फिटनेस परीक्षण, वैध बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। फिटनेस मानकों में किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई है।
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि इस फैसले से राज्य के पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी। विशेषकर छोटे टैक्सी ऑपरेटरों और स्वरोजगार से जुड़े वाहन मालिकों को राहत मिलेगी, क्योंकि वे अपने मौजूदा वाहनों का उपयोग अधिक समय तक कर सकेंगे। इससे पर्यटन सीजन के दौरान परिवहन सेवाओं की उपलब्धता भी बेहतर बनी रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वाहन नियमित फिटनेस जांच से गुजरते रहें और सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें, तो संचालन अवधि बढ़ाने से सड़क सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके विपरीत यह निर्णय पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार को भी प्रोत्साहित कर सकता है।
राज्य सरकार के इस फैसले को पर्यटन और परिवहन क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे वाहन संचालकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया था मामला
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि उन्होंने हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटरों की इस मांग को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष प्रमुखता से रखा था। उन्होंने केंद्र सरकार को अवगत कराया था कि हिमाचल जैसे पर्यटन आधारित राज्य में हजारों परिवार ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाहनों के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में वाहनों की परिचालन अवधि बढ़ाना समय की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नियमों में संशोधन किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं।
राज्य सरकार के इस फैसले को पर्यटन और परिवहन क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे वाहन संचालकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री के समक्ष उठाया था मामला
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि उन्होंने हिमाचल के टैक्सी ऑपरेटरों की इस मांग को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष प्रमुखता से रखा था। उन्होंने केंद्र सरकार को अवगत कराया था कि हिमाचल जैसे पर्यटन आधारित राज्य में हजारों परिवार ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाहनों के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में वाहनों की परिचालन अवधि बढ़ाना समय की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नियमों में संशोधन किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक आदेश जारी कर दिए हैं।