सफेद कर्फ्यू से आधे हिमाचल प्रदेश में जनजीवन थम गया। शुक्रवार को भले ही दिन भर धूप खिली रही, लेकिन गुरुवार को दिन भर हुई बर्फबारी के कारण प्रदेश में दूसरे दिन भी तीन नेशनल हाईवे, एक राज्यमार्ग समेत 461 सड़कें बंद पड़ी हैं। 472 बस रूट बंद होने से जगह-जगह हिमाचल परिवहन निगम की 400 बसें फंसी हैं। मनाली-केलांग, शिमला-रामपुर, आनी-जलोड़ी जोत नेशनल हाईवे और लाहौल-स्पीति में एक राज्यमार्ग बंद पड़ा है। राजधानी शिमला में भी दिन भर सड़क, रेल यातायात ठप रहा। बिजली और पानी की सप्लाई प्रभावित रही। दूध-ब्रेड और अखबार नहीं पहुंचने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
2 of 11
सोंलंगनाला में सैलानी।
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार रात को होटलों तक नहीं पहुंच पाने से कई सैलानियों ने माइनस डिग्री तापमान में सड़कों पर कारों में रात गुजारी। शुक्रवार सुबह लोगों को पैदल सफर करना पड़ा। शिमला में कई जगह शीशे की तरह सड़कों पर बर्फ जम गई। शनिवार से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
3 of 11
बर्फबारी के बाद शिमला।
- फोटो : अमर उजाला
बर्फबारी के बाद दूसरे दिन भ सबसे ज्यादा 144 सड़कें शिमला जिले में बंद पड़ी हैं। इसके बाद लाहौल-स्पीति जिले में 112, कुल्लू जिले में 81, मंडी में 51, किन्नौर में 24 और सिरमौर जिले में 21 सड़कों पर यातायात बंद है।
कुल्लू और लाहौल-स्पीति में 200 बिजली के ट्रांसफार्मर व दो दर्जन पेयजल स्कीमें प्रभावित हुई हैं। बिजली सप्लाई ठप होने से बाह्य सराज के अलावा कुल्लू व आनी में करीब 300 गांवों में अंधेरा छाया है।
5 of 11
शिमला में पैदल घर पहुंचे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
जलशक्ति विभाग की भी करीब दो दर्जन पेयजल स्कीमें प्रभावित हुई हैं। बंजार और बाह्य सराज घाटी में भारी बर्फबारी से कई गांवों को संपर्क कट गया है। अटल टनल रोहतांग को सिर्फ फोर वाई फोर वाले इमरजेंसी वाहनों के लिए ही खोला गया है।