हिमाचल में दस दिन के भीतर दूसरी बार भारी बर्फबारी हुई है। शिमला, मनाली, डलहौली समेत प्रदेश के विभिन्न इलाके बर्फ से लकदक हो गए हैं। जनजातीय क्षेत्र पूरी तरह से बर्फ के आगोश आ गए हैं। चार दिन पूर्व बहाल हुए अपर शिमला का भारी बर्फबारी के चलते राजधानी से फिर संपर्क कट गया है। शिमला, चंबा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जिलों में कई क्षेत्र अलग-थलग पड़ गए हैं।
बर्फबारी के कारण दो नेशनल हाईवे समेत 370 सड़कें एक बार फिर अवरुद्ध हो गई हैं। तीन सौ से ज्यादा बस रूट ठप हो गए हैं। सैकड़ों वाहन विभिन्न सड़कों पर बर्फ में फंस गए हैं। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रविवार रात को शुरू हुई बर्फबारी सोमवार दोपहर तक जारी रही। यहां दोपहर बाद मौसम ने कुछ राहत दी।
कुल्लू जिले के मनाली, बंजार और आनी उपमंडल के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद हिमखंड गिरने का खतरा बढ़ गया है। स्नो एंड एवलांच स्टडी इस्टेब्लशिमेंट (सासे) संस्थान मनाली ने हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी की है। चेतावनी के बाद उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने अलर्ट के बाद मनाली के साथ लगते सोलंगनाला समेत पर्यटन स्थल में सैलानियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
शिमला शहर के अलावा कुफरी, नारकंडा, मनाली, सोलंगनाला, रोहतांग, डलहौजी, चायल, नौहराधार, बरोट, धौलाधार समेत प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है। एक सप्ताह तक बर्फ में परेशानी झेलने वाले ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। हालांकि, पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ने लगी है, कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं।
राजधानी शिमला में जनवरी माह में 27 साल बाद सबसे अधिक बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। बीते दस दिनों में राजधानी में 102.7 सेंटीमीटर बर्फ रिकार्ड की गई है। साल 1990 में शिमला में 204 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई थी। इस माह बर्फबारी ने साल 2012 की 95 सेंटीमीटर बर्फबारी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।