हिमाचल में आधे से ज्यादा लोग एनीमिया से ग्रस्त हो सकते हैं। तीन विकास खंडों बसंतपुर, बंजार और बैजनाथ में लोगों की स्वास्थ्य जांच में ऐसा ही खुलासा हुआ है। सरकार की ओर से पहले चरण में इन तीन ब्लॉकों में 25,363 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इनमें 13,734 लोग एनीमिया से ग्रस्त पाए गए। यानी, 54.2 फीसदी लोग एनीमिया से पीड़ित मिले। आयुर्वेद विभाग ने अब इनका उपचार शुरू कर दिया है।
आयुर्वेद विभाग की मानें तो हाल ही में शिमला के बसंतपुर, कुल्लू के बंजार और कांगड़ा जिले के बैजनाथ ब्लॉक की 46 पंचायतों में 208 शिविर लगाए गए। इन शिविरों में नजदीकी अस्पतालों से डॉक्टरों की टीमें लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए भेजी गईं। स्वास्थ्य जांच के बाद आधे से ज्यादा लोगों में खून की कमी पाई गई।
जिन लोगों में खून की कमी पाई गई, उन्हें मौके पर ही दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इन मरीजों को हर माह नजदीकी अस्पताल में जांच के लिए भी बुलाया जा रहा है। कुछेक लोगों में मधुमेह रोग पाया गया है। इनका निशुल्क उपचार किया जा रहा है। आयुर्वेद विभाग की ओर से प्रदेश के सभी ब्लॉकों में लोगों के स्वास्थ्य की जांच के लिए ऐसे शिविर लगाए जा रहे हैं। आयुर्वेद विभाग के पास अभी तीन ब्लॉकों की रिपोर्ट ही आई है।
सरकार का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में लोग स्वास्थ्य जांच की ज्यादा परवाह नहीं करते हैं। वे अस्पताल आना परेशानी समझते हैं। ऐसे में इन लोगों का घर-द्वार ही चेकअप किया जा रहा है। गंभीर बीमारी होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल बुलाया जा रहा है।
हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। डॉक्टरों को पंचायतों में लोगों की स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा जा रहा है। करसोग, कसौली और ठियोग में एनीमिया को रोकथाम के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। - विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद मंत्री