आपके लिए काम की खबर है। यदि आप सोच रहे हैं कि GST के बाद कोई टैक्स नहीं तो ऐसा नहीं है। चार टैक्स फिर भी लगाए जाएंगे। जीएसटी लागू होने के बाद एक देश एक टैक्स की कर प्रणाली के बावजूद व्यापार पर कुछ और टैक्स देने होंगे।
जीएसटी में राज्यों द्वारा वसूले जा रहे कुछ कर शामिल नहीं किए गए हैं। आबकारी और पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स की स्वतंत्रता के इतर भी चार तरह के और टैक्स हैं, जो विद्यमान हैं।
प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग में एंट्री टैक्स, पैसेंजर गुड्स टैक्स (पीजीटी), सर्टन गुड्स कैरियर ऑन रोड (सीजीसीआर) और एडिशनल गुड्स टैक्स (एजीटी) मौजूद हैं। चार में से तीन कर तो लगभग प्रत्येक राज्य में वसूले जा रहे हैं, लेकिन एजीटी हिमाचल में है।
पेट्रोलियम पदार्थों पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस पर राज्य सरकार अपने कर लगाएगी। शराब की बिक्री को भी जीएसटी से बाहर रखा है। ऐसे में पेट्रोल, डीजल और शराब पर हर राज्य में अलग-अलग दाम होंगे। यह निर्णय राज्यों के राजस्व नुकसान में होने वाली हानि को रोकने के लिए जीएसटी काउंसिल ने लिए हैं।
आबकारी और कराधान विभाग जीएसटी की वसूली के साथ चार तरह के टैक्स और वसूल सकता है। शराब बिक्री के अलावा सरकार के कुल राजस्व का पचास प्रतिशत इन्हीं करों से प्राप्त होता है। राज्य के बॉर्डर पर आने वाले अन्य राज्यों के वाहनों पर एंट्री टैक्स, माल ढुलाई पर लगने वाला टैक्स और पैसेंजर टैक्स जस का तस है।