येलो अलर्ट के बीच प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में बारिश हुई। शिमला, जाखू, चायल समेत प्रदेश की ऊंची चोटियां फिर सफेद हो गई। गुरुवार देर रात बारिश के बाद हुई बर्फबारी से प्रदेश के अधिकतम तापमान में कमी दर्ज हुई है। शुक्रवार को शिमला-रामपुर और आनी-कुल्लू एनएच समेत करीब 100 छोटी-बड़ी सड़कें यातायात के लिए बाधित रही।
रोहतांग मार्ग की बहाली में जुटे बीआरओ की मुहिम को भी ताजा बर्फबारी से झटका लगा है। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार और रविवार को भी प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी होने की संभावना जताई है। मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के आसार हैं।
शिमला की सबसे ऊंची चोटी जाखू शुक्रवार सुबह बर्फ से ढकी नजर आई। कुफरी में वीरवार रात को करीब डेढ़ बजे हिमपात हुआ। इसके चलते राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई। कुफरी व आसपास के इलाकों में करीब चार से पांच इंच ताजा बर्फबारी हुई। शुक्रवार सुबह सड़क बंद होने से ऊपरी शिमला के लिए दूध और ब्रेड की सप्लाई देरी से पहुंची।
शुक्रवार को ग्रामीण रूटों की अधिकतर बसें बर्फ के कारण सुबह शिमला को नहीं आईं। एनएच प्राधिकरण की ओर से सुबह आठ बजे से ही सड़क से बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया और दस बजे तक ढली से ठियोग तक एनएच-5 को यातायात के लिए पूरी तरह बहाल कर दिया गया। इसके बाद दोपहर एक बजे तक एनएच को नारकंडा के ओडी तक विभाग खोल दिया गया।
खड़ापत्थर भी बर्फबारी के चलते बंद है। रोहतांग दर्रा सहित कुल्लू व लाहौल की ऊंची चोटियों पर भी वीरवार रात को ताजा हिमपात हुआ। बर्फबारी के कारण जलोड़ी दर्रा बंद होने से बाह्य सराज में चार बसें फंस गई। नेशनल हाइवे 305 फिर से यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया है।