हिमाचल में सोमवार देर रात अंधड़ और ओलावृष्टि से सेब और प्लम (आलू बुखारा ) की करीब आधी फसल तबाह हो गई है। कुल्लू के बंजार और सैंज में सेब और बेर के अलावा नाशपाती, खुमानी को भारी नुकसान पहुंचा है।
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जमीन पर बिखरे सेब
- फोटो : अमर उजाला
घाटी के देउठा, सुचैहण, रैला, थाटीबीड़, तांदी, खाड़ागाड़, टील, श्रीकोट, चनौन, चैहणी में फल पेड़ से जमीन पर गिर गए हैं। जिला शिमला में भी अंधड़ से कई गांवों में सेब के साथ अन्य गुठलीदार फल झड़कर जमीन पर बिखर गए। सब्जियों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
सेब के दर्जनों पौधे जड़ से उखड़ गए हैं। ग्राम पंचायत नेरवा के घूंटाडी, बजाथल व गढ़ा में सेब और स्टोन फ्रूट की फसल को क्षति पहुंची है। सिरमौर जिला में भी प्लम और खुमानी के फल झड़ गए तो शिमला मिर्च के पौधे टूट गए हैं।
उधर, अंधड़ चलने से कई घरों और गोशालाओं की छतें उड़ गईं। कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई भी गुल हो गई। सड़कों पर पेड़ गिरने से कई स्थानों पर यातायात भी बाधित रहा। सोलन के नालागढ़ में बिजली लाइनों और खंभों को नुकसान पहुंचा है।
नालागढ़ के वार्ड नंबर सात के फ्रेंड्स कॉलोनी में विद्युत लाइन पर पेड़ गिर गया, जिससे एलटी स्पैन डैमेज हो गए और बत्ती गुल हो गई। सब डिविजन दो के तहत नाहर सिंह में दो पोल टूट गए, किरपालपुर में 1, सलेहड़ा में 2 पोल, न्यू नालागढ़ में केबल जल गई। वहीं, नालका में 150 केवी के ट्रांसफार्मर को क्षति पहुंची है।