जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले 38 शिक्षकों की इन्क्रीमेंट रोकने के बाद अब उच्च शिक्षा निदेशालय ने 150 पीजीटी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। बोर्ड के कुल परिणाम से 50 फीसदी कम परिणाम देने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसते हुए यह कार्रवाई की गई है।
इन शिक्षकों के वेबसाइट पर विषय वार नाम और कक्षा परिणाम भी सार्वजनिक किए जा रहे हैं। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा सोनिया ठाकुर ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार कम परिणाम देने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बारहवीं के 16 स्कूलों का इस साल परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। बारहवीं में कांगड़ा और मंडी से 4-4, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति से 3-3, चंबा और सिरमौर से 1-1 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी बच्चा पास नहीं हुआ है।
इन स्कूलों के शिक्षकों की उच्च शिक्षा निदेशालय इन्क्रीमेंट रोक चुका है। अब बोर्ड के परिणाम से 50 फीसदी कम परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। निदेशालय के मुताबिक प्रदेश में 150 ऐसे पीजीटी हैं, जिनका विषय वार परीक्षा परिणाम बोर्ड के परीक्षा परिणाम के मुकाबले 50 फीसदी से कम है। ऐसे में इन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले टीजीटी के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करनी है लेकिन शिक्षकों का रिकॉर्ड नहीं मिलने का हवाला देते हुए इस मामले से पल्ला झाड़ा जा रहा है।