हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में सोमवार को आई आपदा के निशान मंगलवार को साफ दिखाई दिए। मंगलवार सुबह पांच बजे ही धर्मशाला से 10 किलोमीटर दूर चैतड़ू गांव के लोगों ने मांझी खड्ड में बहे अपने आशियानों और दुकानों के निशानों को ढूंढना शुरू कर दिया। प्रभावित अपने टूटे मकानों-दुकानों को देख कर बिलख-बिलख कर रोये। इसके अलावा कभी अपने घरों में ठाठ से जिंदगी बिताने वाले लोग अब अपने रिश्तेदारों और सरकारी स्कूल में शरणार्थी की जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं।
धर्मशाला: बह चुके आशियानों की निशानियां ढूंढते रहे परिवार, बिलख-बिलख कर रोये, देखें तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गहनों की पोटली छोड़ कर बचानी पड़ी जान: हेमराज
मांझी खड्ड में आई बाढ़ से बेघर हुए हेमराज ने बताया कि उसका सब कुछ बह गया है। इस त्रासदी में उसका मकान बह गया है। मकान के आगे चिकन शॉप चलाकर अपना व अपने परिवार का पेट पालने का साधन भी अब उससे छिन गया है। वह कुछ भी नहीं बचा पाया है। हेमराज ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसे अपनी जान बचाने के लिए सब कुछ छोड़ कर भागना पड़ा। उसने बताया कि जब वह गहनों से भरी पोटली को निकालने की कोशिश कर रहा था तो इसी बीच बढ़ते बहाव को देखते हुए उसे जान बचाकर सब कुछ वहीं छोड़ कर भागना पड़ा।
मांझी खड्ड बहा ले गई सपनों का आशियाना: नीतू
लेह में भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे सूबेदार उपेश राणा की पत्नी नीतू राणा ने बताया कि उन्होंने बड़े अरमानों से चैतडू़ में अपना आशियाना बनाया था। लेकिन मांझी खड्ड में आई भीषण बाढ़ सब कुछ तहस-नहस कर उनके सपनों के आशियाने को बहा कर ले गई। हालांकि उन्हें कुछ सामान निकालने का मौका मिल गया था लेकिन फिर भी बहुत कुछ उनका बाढ़ में बह गया है।
पांच माह पहले ही शिफ्ट की थी दुकान: सुनील गर्ग
बाढ़ में अपना मेडिकल क्लीनिक गंवाने वाले सुनील गर्ग ने बताया कि पांच माह पहले ही उसने यहां पर अपनी दुकान शिफ्ट की थी। इस आपदा में उसे 70 से 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गर्ग ने बताया कि आपदा में जहां उसका क्लीनिक बह गया है, वहीं क्लीनिक में रखी दवाइयां, डिजिटल एक्स-रे मशीन, ईसीजी मशीन सहित अन्य सामान का नुकसान हुआ है। इसके अलावा दुकान के मालिक को दुकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया था, जिसे कि किराये के रूप में समाहित करना था लेकिन अब सब कुछ बर्बाद हो गया।
घर बहने से 2 करोड़ का नुकसान: सुनीता
चैतड़ू में बाढ़ से प्रभावित मकान मालिक सुनीता बेदी ने बताया कि बाढ़ में तीन मंजिला मकान बह जाने से करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि घर बहने से अंदर खड़ी कार व स्कूटी भी पानी में बह गई है।