फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

धर्मशाला: बह चुके आशियानों की निशानियां ढूंढते रहे परिवार, बिलख-बिलख कर रोये, देखें तस्वीरें

Tue, 13 Jul 2021 10:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 13 Jul 2021 10:19 PM IST
विज्ञापन
dharamshala flood update: The families kept looking for the signs of the lost homes, wept bitterly
बह चुके आशियानों की निशानियां ढूंढते रहे परिवार - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में सोमवार को आई आपदा के निशान मंगलवार को साफ दिखाई दिए। मंगलवार सुबह पांच बजे ही धर्मशाला से 10 किलोमीटर दूर चैतड़ू गांव के लोगों ने मांझी खड्ड में बहे अपने आशियानों और दुकानों के निशानों को ढूंढना शुरू कर दिया। प्रभावित अपने टूटे मकानों-दुकानों को देख कर बिलख-बिलख कर रोये। इसके अलावा कभी अपने घरों में ठाठ से जिंदगी बिताने वाले लोग अब अपने रिश्तेदारों और सरकारी स्कूल में शरणार्थी की जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं।



अमर उजाला की टीम ने आपदा के बाद बचाव कैंप और घटनास्थल पर जाकर ग्राउंड रिपोर्ट की। पीड़ित मलबे में कुछ मिलने की उम्मीद लेकर उसे खंगालने लगे।  हालांकि, भारी भरकम मलबे को हटाना उनके वश में नहीं था लेकिन कुछ निशानियां मिलने की उम्मीद में वे जुटे रहे। वहीं इस दौरान पीड़ितों को मलाल रहा कि जिला प्रशासन और सरकार की तरफ से उन्हें अभी आंशिक मदद ही मिली है, जबकि उनके पुनर्वास के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी, इस बारे उन्हें अभी तक किसी भी प्रकार की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। 

dharamshala flood update: The families kept looking for the signs of the lost homes, wept bitterly
हेमराज - फोटो : अमर उजाला

गहनों की पोटली छोड़ कर बचानी पड़ी जान: हेमराज
मांझी खड्ड में आई बाढ़ से बेघर हुए हेमराज ने बताया कि उसका सब कुछ बह गया है। इस त्रासदी में उसका मकान बह गया है। मकान के आगे चिकन शॉप चलाकर अपना व अपने परिवार का पेट पालने का साधन भी अब उससे छिन गया है। वह कुछ भी नहीं बचा पाया है। हेमराज ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसे अपनी जान बचाने के लिए सब कुछ छोड़ कर भागना पड़ा। उसने बताया कि जब वह गहनों से भरी पोटली को निकालने की कोशिश कर रहा था तो इसी बीच बढ़ते बहाव को देखते हुए उसे जान बचाकर सब कुछ वहीं छोड़ कर भागना पड़ा। 

 

dharamshala flood update: The families kept looking for the signs of the lost homes, wept bitterly
खड्ड बहा ले गई सपनों का आशियाना - फोटो : अमर उजाला

मांझी खड्ड बहा ले गई सपनों का आशियाना: नीतू
लेह में भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे सूबेदार उपेश राणा की पत्नी नीतू राणा ने बताया कि उन्होंने बड़े अरमानों से चैतडू़ में अपना आशियाना बनाया था। लेकिन मांझी खड्ड में आई भीषण बाढ़ सब कुछ तहस-नहस कर उनके सपनों के आशियाने को बहा कर ले गई। हालांकि उन्हें कुछ सामान निकालने का मौका मिल गया था लेकिन फिर भी बहुत कुछ उनका बाढ़ में बह गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
dharamshala flood update: The families kept looking for the signs of the lost homes, wept bitterly
सुनील गर्ग - फोटो : अमर उजाला

पांच माह पहले ही शिफ्ट की थी दुकान: सुनील गर्ग
बाढ़ में अपना मेडिकल क्लीनिक गंवाने वाले सुनील गर्ग ने बताया कि पांच माह पहले ही उसने यहां पर अपनी दुकान शिफ्ट की थी। इस आपदा में उसे 70 से 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गर्ग ने बताया कि आपदा में जहां उसका क्लीनिक बह गया है, वहीं क्लीनिक में रखी दवाइयां, डिजिटल एक्स-रे मशीन, ईसीजी मशीन सहित अन्य सामान का नुकसान हुआ है। इसके अलावा दुकान के मालिक को दुकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये का चेक दिया था, जिसे कि किराये के रूप में समाहित करना था लेकिन अब सब कुछ बर्बाद हो गया।

विज्ञापन
dharamshala flood update: The families kept looking for the signs of the lost homes, wept bitterly
सुनीता बेदी - फोटो : अमर उजाला

घर बहने से 2 करोड़ का नुकसान: सुनीता
चैतड़ू में बाढ़ से प्रभावित मकान मालिक सुनीता बेदी ने बताया कि बाढ़ में तीन मंजिला मकान बह जाने से करीब दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि घर बहने से अंदर खड़ी कार व स्कूटी भी पानी में बह गई है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed