पिछले एक माह से पर्यटकों से पैक तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की नगरी हिमाचल प्रदेश का मैकलोडगंज सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे भारी बारिश से हुई तबाही के बाद कुछ ही पल में खाली हो गया। भागसूनाग में सुबह साढ़े 7:30 बजे नाले में अचानक पानी का तेज बहाव आने के बाद माहौल चीख पुकार में बदल गया। भागसूनाग चौक पर गाड़ियां ताश के पत्तों की तरह बहने लगीं। भागसूनाग शहर का चौक नाले में तबदील हो गया।
होटलों में कर्मचारी जान बचाकर शहर से भागने लगे। भागसूनाग में ठहरे जालंधर के पर्यटक होशियार सिंह ने बताया कि तबाही का मंजर बेहद खौफनाक था। भागसूनाग में आई बाढ़ में मेरी इनोवा क्षतिग्रस्त हो गई। मेरा परिवार बेहद परेशान है। प्रशासन हमारी मदद करे। दिल्ली के पर्यटक विकास कुमार ने बताया सुबह साढ़े सात बजे ऐसा लगा कि कुछ ही पल में सब कुछ खत्म हो जाएगा। हम जान बचाकर होटल से भागे।
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कारें बहीं।
- फोटो : अमर उजाला
एक होटल के कर्मचारी रोहित ने बताया कि होटल में पानी घुस गया। हम कमरे में कैद हो गए। ऐसा लगा कि अब होटल ही गिर जाएगा, लेकिन जान बच गई। गाड़ियां ताश के पत्तों की तरह बह रही थीं।
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घर ध्वस्त।
- फोटो : अमर उजाला
होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्वनी बांबा ने बताया कि धर्मकोट में नाला बाधित होने की वजह से सारा पानी सड़क पर आ गया जिसने तबाही का मंजर पैदा किया।धर्मशाला उपमंडल के तहत चैतड़ू गांव में खड्ड में आए तेज बहाव में दो दुकानें और चार मकान बह गए।
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मलबे में दबीं कार।
- फोटो : अमर उजाला
अपना आशियाना आंखों के सामने बहते हुए देखकर परिवारों के लोग भारी बारिश के बीच सड़क पर फूट-फूट कर रो रहे थे। घरों के फ्रिज, टीवी, बेड और अन्य सामान खड्ड में बह रहा था। पुलिस और गांव के लोग घरों के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाल रहे थे।
बगली पंचायत की प्रधान शालिनी देवी ने बताया कि सुबह आठ बजे मकान बह गए, लेकिन कई घंटों के बाद भी विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं आए। चतर सिंह ने बताया देखते देखते ही हमारा आधा मकान खड्ड में बह गया।