तस्वीरें: बीकॉम टॉपर्स की सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी
एचपी यूनिवर्सिटी की ओर से जारी बीकॉम फाइनल की मैरिट लिस्ट में फिर बेटियों ने दबदबा बनाया है। आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर इन टॉपर्स के सपने क्या हैं।
तस्वीरें: बीकॉम टॉपर्स की सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी
बीकॉम की टॉपर तनुजा सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) बनेंगी। तनुजा बीकॉम पहले और दूसरे वर्ष में विवि में टॉपर रही हैं। प्राइमरी से प्रथम स्थान पर रहने वाली तनुजा ने जमा दो के वाणिज्य संकाय में टॉप किया है। जिला मुख्यालय श्यामनगर के गरीब परिवार से संबंध रखने वाली तनुजा के पिता नहीं हैं और माता नर्वदा देवी गृहणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण इस बार वह सीए के लिए आवेदन नहीं कर पाई थीं, लेकिन भविष्य में वह सीए की पढ़ाई करना चाहती हैं।
तस्वीरें: बीकॉम टॉपर्स की सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी
वाणिज्य में सैकंड टॉपर रहे अभिषेक ने 81.2 अंक हासिल किए हैं। इससे पूर्व भी अभिषेक सीबीएसई के गुजरात रीजन में प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं। डिग्री कॉलेज धर्मशाला के छात्र अभिषेक वाणिज्य के प्रथम और दूसरे वर्ष वह लगातार दूसरे स्थान पर रहे हैं। अभिषेक के पिता ज्ञान चंद सेना से जेसीओ रैंक से सेवानिवृत हुए हैं, जबकि माता गायत्री देवी गृहणी है। अभिषेक बताते है कि उन्होने इस सफलता के लिए चार से पांच घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की है, जबकि परीक्षा के दिनों में इससे भी अधिक समय पढ़ाई के लिए दिया है। भविष्य में वह सीए बनना चाहते हैं।
तस्वीरें: बीकॉम टॉपर्स की सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी
हमीरपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महाविद्यालय की बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा में छात्रा इंदू ने प्रदेश भर में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। इंदू ने 1700 में से 1391 अंक प्राप्त कर 80.01 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। इंदू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों को दिया है। इंदू के पिता रविंद्र ठाकुर एक निजी कंपनी से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता जीव लता गृहणी हैं। इंदू का उद्देश्य अध्यापक बनना है। इंदू ने बताया कि वह रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थी। जमा एक की परीक्षा में भी इंदू प्रदेशभर में सातवें और जमा दो की परीक्षा में पांचवे स्थान पर रह चुकी हैं।
तस्वीरें: बीकॉम टॉपर्स की सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी
वहीं, चंबा से बीकॉम अंतिम वर्ष में चंबा कॉलेज की मुस्कान महाजन ने चौथा स्थान हासिल किया है। मुस्कान का कहना है कि उनके पिता रमेश महाजन ही उसकी उपलब्धि के सही हकदार हैं। मुस्कान चंबा शहर के चरपट मोहल्ला की रहने वाली हैं और इन दिनों चंडीगढ़ में बैंकिंग की कोचिंग ले रही हैं। मुस्कान का कहना है कि उनके पिता ने कभी यह नहीं समझा कि वे लड़की हैं और उन्हें मौका नहीं दिया जाएगा। मुस्कान महाजन ने 79.9 प्रतिशत अंक हासिल कर यह स्थान पाया है। मुस्कान का कहना है कि वे भविष्य में एमकॉम की पढ़ाई जारी रखेंगी और बैंकिंग की तैयारी भी करेंगी।