फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सूबेदार ने किया खुलासा, शहादत से पहले विजय ने कैसे आतंकी को उतारा था मौत के घाट

Sun, 05 Aug 2018 01:45 PM IST
तरूणेश शर्मा, अमर उजाला, श्री नयना देवी (बिलासपुर)
तरूणेश शर्मा, अमर उजाला, श्री नयना देवी (बिलासपुर) Updated Sun, 05 Aug 2018 01:45 PM IST
विज्ञापन
Army Jawan Martyred Vijay Kumar Side Story Bilaspur Himachal Pradesh

कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर गांव में आतंकियों के मुठभेड़ में शहीद हुए बिलासपुर जिला के श्रीनयना देवी की माकड़ी पंचायत के उट्टपर गांव के विजय कुमार ने एक आतंकी को मार गिराया था। इस बात का खुलासा उनकी अंतिम शहादत पर पहुंचे 87 आर्म्ड के 22 आरआर के सूबेदार तिलक राज की ओर से किया गया। इनका कहना है कि एक आतंकी ने इनके सिर में गोली मारी जिससे इनकी मौत हो गई।

Army Jawan Martyred Vijay Kumar Side Story Bilaspur Himachal Pradesh

सूबेदार तिलक राज का कहना है कि वीरवार रात नौ बजे सूचना मिली थी सोपोर के एक घर में दो आतंकवादी छुपे हुए हैं। सुबह नौ बजे सेना की आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई। एक आतंकी को तो शहीद विजय कुमार ने मार गिराया, जब वह दूसरे आतंकी की तलाश में आगे बढ़े तो घर की छत पर छिप कर बैठे दूसरे आतंकी ने उन्हें गोली मार दी जो सीधे उनके सिर में जा लगी। इसके बाद सेना ने दूसरे आतंकी को भी मार गिराया।

Army Jawan Martyred Vijay Kumar Side Story Bilaspur Himachal Pradesh

वहीं शहीद विजय कुमार के बड़े बेटे निशांत (9) का कहना है कि वह बड़ा होकर अपने पिता की शहादत का बदला लेगा। उसका कहना था कि उसके पिता बहादुर थे और बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए हैं। बड़ा होकर वह भी फौजी बनेगा। जबकि शहीद की माता गज्जो देवी का देहांत तब हो गया था जब वह पहली कक्षा में पढ़ते थे। विजय कुमार अपने चार भाई बहनों में दूसरे स्थान पर थे। प्राथमिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक पाठशाला खुलवीं से की है। जबकि दसवीं भाखड़ा से की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Army Jawan Martyred Vijay Kumar Side Story Bilaspur Himachal Pradesh

पत्नी को नहीं था पता पति की शहादत का- परिजनों का कहना है कि विजय कुमार की पत्नी मेनका को यह पता ही नहीं था कि उनके पति शहीद हो गए हैं, जब परिजन नंगल स्थित उसे बताने गए तो वह एक मंदिर में पूजा अर्चना कर रही थी। इसके बाद परिजन उसे वहां से गांव लेकर आए। शहीद विजय कुमार के दोनों बेटे निशांत व सुशांत नंगल में पढ़ते हैं।

विज्ञापन
Army Jawan Martyred Vijay Kumar Side Story Bilaspur Himachal Pradesh

एक तरफ विपदाओं का पहाड़, दूसरी तरफ गर्व- शहीद विजय कुमार की पत्नी मेनका का कहना है कि एक तरफ तो उन पर विपदाओं का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि बच्चे छोटे-छोटे हैं। जबकि दूसरी तरफ उनको पति की शहादत पर गर्व भी है। मेनका का कहना है कि जो तिरंगा उन्हें अपने पति की शहादत पर मिला है वह उसे ताउम्र अपने पास संभाल कर रखेंगी ताकि उसके पति की याद उसके साथ हमेशा रहे। उसे इस बात का फक्र है कि उनका पति देश के लिए शहीद हुआ है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed