चित्तौड़गढ़ में विश्वविख्यात चित्तौड़ दुर्ग स्थित ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर न केवल मेवाड़, बल्कि देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है और हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Sharadiya Navratri: कभी पूजे जाते थे सूर्य, आज है कालिका का शक्तिपीठ; मुगलों के हमलों के बावजूद खड़ा रहा मंदिर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Thu, 25 Sep 2025 06:00 AM IST
सार
Sharadiya Navratri: मंदिर के महंत रामनारायण पूरी ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिन देवी की विशेष पूजा होती है। अष्टमी और नवमी को हवन आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उमड़ते हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा के माकूल इंतजाम करता है।
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