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चित्तौड़गढ़: माइंस सौदे में 1.10 करोड़ की धोखाधड़ी, चार लोगों पर मामला दर्ज; कूटरचित दस्तावेज बनाने का आरोप

Sat, 05 Sep 2026 03:15 PM IST
चित्तौड़गढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़ Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 03:15 PM IST
सार

चित्तौड़गढ़ के राशमी थाना क्षेत्र में माइंस के सौदे में 1.10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने 65 लाख रुपये अग्रिम और 45 लाख रुपये की दूसरी किस्त लेने के बावजूद उसी माइंस के संबंध में अन्य लोगों के साथ नया साझेदारी विलेख तैयार कर दिया। 

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Chittorgarh 1.10 Crore Fraud in Mine Deal Four Booked for Allegedly Forging Documents
राशमी थाना क्षेत्र - फोटो : Social Media

विस्तार

चित्तौड़गढ़ में माइंस के सौदे में 1.10 करोड़ रुपये हड़पने, धोखाधड़ी करने और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर अग्रिम राशि और दूसरी किस्त प्राप्त करने के बावजूद उसी माइंस को अन्य लोगों के साथ बेचने और षड्यंत्र रचने का आरोप है। राशमी के थानाधिकारी गेहरीलाल गुर्जर के अनुसार, गुरजनिया निवासी भगवानलाल पुत्र मोहन जाट ने इस संबंध में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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शिकायतकर्ता भगवानलाल जाट ने पुलिस रिपोर्ट में बताया कि एक दिसंबर, 2025 को बोरदा रोड, बोलो का सावंता निवासी कालूराम जाट उनके पास माइंस के सौदे के लिए आया था। कालूराम ने विशाल नगर, जयपुर निवासी दौलतसिंह के माध्यम से चौटियास स्थित माइंस के मालिकों से परिचय कराया। इसमें आमेसर, अंटाली तहसील, भीलवाड़ा निवासी डूंगरसिंह पुत्र गुलाबसिंह सोलंकी और बामणी, आसींद तहसील निवासी रामप्रसाद सिंह पुत्र पोखरसिंह शामिल थे। चौटियास स्थित माइंस की कीमत 1.50 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके बाद 3 दिसंबर, 2025 को 1.46 करोड़ रुपये में सौदा पक्का हुआ। स्टांप पर विक्रयनामा तैयार कर 65 लाख रुपये अग्रिम राशि ली गई। बाकी रकम में से 45 लाख रुपये 15 जनवरी, 2026 और 36 लाख रुपये 15 मार्च, 2026 को देना तय हुआ। कालूराम और दौलतसिंह के गवाह के रूप में हस्ताक्षर करवाकर नोटरी से सत्यापन कराया गया।
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मौके पर मिला दूसरों का कब्जा
शिकायतकर्ता भगवानलाल का आरोप है कि सौदा तय होने के बाद जब वे मौके पर जाकर देखने पहुंचे तो माइंस स्वीकृत स्थान पर नहीं मिली। वहां पड़ोसियों के मकान, नोहरे और अन्य लोगों का अनधिकृत कब्जा पाया गया। इसी बीच आरोपियों ने पूर्व में शिकायतकर्ता और उनके साझेदारों से सौदा हो जाने के बावजूद 25 दिसंबर, 2025 को कालूराम और दौलतसिंह के पक्ष में 24 लाख रुपये लेकर स्टांप पर नया साझेदारी विलेख तैयार कर दिया।
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कूटरचित दस्तावेज से धोखाधड़ी
पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उनसे व उनके साझेदारों से प्राप्त 65 लाख रुपये अग्रिम और 45 लाख रुपये की दूसरी किस्त सहित कुल 1.10 करोड़ रुपये हड़पने की साजिश रची। रकम के संबंध में संपर्क करने पर आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। राशमी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 
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