फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

किसान मोर्चा: सरकार से बैठक के बुलावे का इंतजार, वरना होगा बड़ा एलान; कहा-हक की लड़ाई में पीछे नहीं हटेंगे

Fri, 04 Sep 2026 10:07 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली Published by: Nivedita Updated Fri, 04 Sep 2026 10:07 AM IST
विज्ञापन
Kisan Morcha  in Mohali crucial meeting today protesters refuse to back down in fight for their rights
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : अमर उजाला

संयुक्त किसान मोर्चा का चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर सात दिवसीय पक्का मोर्चा जारी है। किसानों का काफिला बढ़ता जा रहा है। वीरवार को प्रदेश के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किसान और महिलाएं मोर्चा स्थल पर पहुंचीं। किसानों ने पानी संकट, कृषि मांगों, गन्ना मूल्य और लैंड पूलिंग नीति को लेकर सरकारों पर हमला बोला।



किसान नेता हरिंदर सिंह लख्खोवाल ने कहा कि चंडीगढ़ और पुलिस के अधिकारियों ने उनसे बात की है और उन्हें दो बजे तक का समय दिया है। केंद्र और सूबा सरकार की तरफ से बैठक का बुलावा आ सकता है। अगर बावजूद इसके दोनों सरकारें बातचीत के लिए आगे नहीं बढ़ीं तो वह कोई बड़ा फैसला लेंगे जिसके लिए उन्होंने शुक्रवार को मोर्चे की अहम बैठक बुलाई है जिसमें अगले संघर्ष का एलान किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि मोर्चे को किसान आगे भी बढ़ा सकते हैं। किसान नेताओं ने पंजाब सरकार से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की और कहा कि पानी को लेकर पुराने समझौते और लैंड पूलिंग नीति को रद्द किए जाएं। बासमती, मूंग, मक्का, आलू, मटर और गोभी जैसी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी देने की भी मांग की है।

Kisan Morcha  in Mohali crucial meeting today protesters refuse to back down in fight for their rights
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : अमर उजाला

पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल पहुंचे 
पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल भी वीरवार को मोर्चे में शामिल हुए। उन्होंने किसानों के साथ समय बिताया और लंगर सेवा में हिस्सा लिया। इस दौरान अनमोल ने लंगर सेवा कर रही महिलाओं के पैर दबाए, जिसकी मोर्चे में मौजूद किसानों ने सराहना की। 

जगतपुरा से चंडीगढ़ के सेक्टर-48 की तरफ जाने वाली सड़क के एक हिस्से पर किसानों ने मोर्चा लगाया हुआ है। सड़क के दूसरे हिस्से से यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। वीरवार को बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने के कारण उन्हें सड़क किनारे और उपलब्ध जगहों पर खड़ा किया गया। किसान नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में अगर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ती है तो यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

Kisan Morcha  in Mohali crucial meeting today protesters refuse to back down in fight for their rights
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
पूरे देश में चक्का जाम की चेतावनी
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार अमेरिका के साथ किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई समझौता करती है तो पूरे देश में चक्का जाम किया जाएगा। अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो सेक्टर-48 के पास लगाया गया पक्का मोर्चा आगे भी बढ़ाया जा सकता है। किसान यहां पहुंच चुके हैं और अपनी मांगें मनवाने के बाद ही वापस जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Kisan Morcha  in Mohali crucial meeting today protesters refuse to back down in fight for their rights
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
चल रहे 15 लंगर, किसानों को मिल रही सेवा
पंजाब से आए किसानों और मजदूरों के लिए मोहाली के आंदोलन स्थल पर 15 लंगर चलाए जा रहे हैं। ये लंगर सात दिनों से किसानों को भोजन और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन के मोहाली सहित अन्य जिलों के किसान इन लंगरों का संचालन कर रहे हैं। यूनियन के राज्य प्रेस सचिव परमदीप सिंह बैदवान ने बताया कि 15 से अधिक लंगर चल रहे हैं। ये लंगर किसानों और उनके समर्थकों के लिए सुबह, दोपहर और रात में भोजन उपलब्ध कराते हैं। किसान अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पहुंचे हैं। एक सितंबर से उन्हें चाय-पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। मोहाली के किसान भी इस सेवा कार्य में सहयोग दे रहे हैं।
विज्ञापन
Kisan Morcha  in Mohali crucial meeting today protesters refuse to back down in fight for their rights
मोहाली में किसान मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली आंदोलन में बेटे को खोया, फिर भी मोर्चे पर डटे राजपाल सिंह
किसान आंदोलन में बेटे को खोने का दर्द दिल में लिए सुनाम के गांव अलीशेर कलां निवासी राजपाल सिंह एक बार फिर किसानों के संघर्ष में डटे हुए हैं। दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान उनके बेटे की तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बावजूद राजपाल सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और चंडीगढ़ में चल रहे सात दिवसीय किसान आंदोलन में किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

राजपाल सिंह ने नम आंखों से बताया कि दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान उनके बेटे बलविंदर सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। हालत गंभीर होने पर वह उसे बठिंडा लेकर गए, जहां उसका इलाज कराया गया। बाद में हालत में सुधार नहीं होने पर उसे चंडीगढ़ भी शिफ्ट किया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

बेटे की मौत परिवार के लिए गहरा सदमा थी लेकिन राजपाल ने किसान संघर्ष से खुद को अलग नहीं किया। उन्होंने कहा कि बेटा बलविंदर सिंह भी किसान आंदोलन में हमेशा आगे रहता था। वह किसानों की मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करने से कभी नहीं डरता था। उसके लिए किसानों का हक सबसे ऊपर था। बेटे की इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वह खुद भी हर किसान संघर्ष में शामिल होते रहेंगे। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed