दीपावली की दोपहर पीएम नरेंद्र मोदी पठानकोट एयबेस पहुंचे और अपाचे हेलीकॉप्टरों का जायजा लिया। पीएम का दौरा इतना गोपनीय था कि उनके चले जाने तक पठानकोट के डीसी, एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों को इस कार्यक्रम की भनक नहीं लगी। दीपावली पर पीएम नरेंद्र मोदी राजौरी गए थे। उससे पहले वह सुबह लगभग 9:40 पर पठानकोट पहुंचे और 10 बजे के बाद राजौरी रवाना हो गए।
हेलीकॉप्टर अपाचे देखने पठानकोट एयरबेस पहुंचे पीएम मोदी, सैनिकों के लिए कही बड़ी बात
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वहां से वापसी पर 2:34 बजे फिर पठानकोट एयरबेस पहुंचे और लगभग 16 मिनट बाद दिल्ली रवाना हो गए। बता दें, हाल ही में देश के फ्रंट लाइन पठानकोट एयरबेस में आठ अमेरिकन अटैक हेलीकॉप्टर अपाचे तैनात किए गए हैं। तीन सितंबर को तत्कालीन वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने इसका उद्घाटन किया था।
पीएम बोले, सैनिक मेरे परिवार का हिस्सा
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी जब पठानकोट एयरबेस पहुंचे तो उनकी झलक पाने के लिए एयरफोर्स स्टाफ और उनके परिवार भी वहां पहुंचे थे। पीएम की सुरक्षा में तैनात एसपीजी ने उन्हें काफी पीछे बैरीकेड पर रोक लिया लेकिन पीएम मोदी वहां गए और एसपीजी को तुरंत बैरिकेडस हटाने को कहा। सूत्रों के मुताबिक पीएम ने कहा कि यह केवल सैनिकों के नहीं बल्कि उनके भी परिवार हैं। उन्हें उनसे दूर न रखा जाए। इसके बाद पीएम ने वायुसेना स्टाफ और उनके परिवारों से बातचीत की और मिठाई भेंट कीं। उन्होंने वायुसेना स्टाफ का मनोबल बढ़ाया।
आर्मी चीफ और नॉर्दर्न आर्मी कमांडर भी रहे साथ
पठानकोट एयरबेस पहुंचे पीएम मोदी का स्वागत स्टेशन कमांडर एयर कमोडोर आईटी कुरियन ने किया। पीएम के साथ थल सेना प्रमुख विपिन रावत और नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह भी पठानकोट पहुंचे और अपाचे का जायजा लिया।
आतंकी हमला झेल चुके एयरबेस को और सक्षम बनाने की संभावना
जनवरी 2016 में पाक प्रशिक्षित आतंकियों द्वारा किए गए आतंकी हमले में 7 जवान शहीद हुए थे। 65 घंटे चले ऑपरेशन के बाद सभी आतंकियों को भी मार गिराया गया था। सूत्रों की मानें तो एयरबेस पर भारी मात्रा में हथियार होने के चलते उसे सुरक्षा के लिहाज से और सक्षम बनाने के लिए इंटीग्रेटेड पैरामीटर सिक्योरिटी सिस्टम से लैस करने की संभावना है। नए साल की शुरुआत तक इसमें एयरबेस की सुरक्षा के लिए स्मार्ट फेंसिंग, थर्मल कैमरे, मोशन डिटेक्टर, सेंट्रल कंट्रोल और मॉडर्न सर्विलांस सिस्टम शामिल हैं। पठानकोट के अलावा 5 अन्य एयरबेस को इसी प्रणाली से सुरक्षित किए जाने की संभावना है।