श्री हरमंदिर साहिब में मंगलवार को 91 देशों के राजदूतों ने माथा टेका। अलग-अलग देशों के राजदूतों ने परिक्रमा के दर्शन किए। सभी ने मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे नतमस्तक होकर विश्व शांति की अरदास की। इसके बाद सभी राजदूतों ने श्री गुरु रामदास जी लंगर भवन में पंगत में बैठकर लंगर छका। इन देशों के राजदूतों ने लंगर तैयार करने की व्यवस्था भी देखी।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सभी राजदूतों को श्री हरमंदिर साहिब की मर्यादा और परंपराओं के बारे में जानकारी दी और श्री हरमंदिर साहिब में आठ पहर कीर्तन के इतिहास के बारे में बताया। पुरी ने श्री गुरु नानक देव जी के मानवता को दिए सर्व सांझीवालता के संदेश के साथ-साथ श्री हरमंदिर साहिब के चारों मुख्य प्रवेश द्वारों के बारे में जानकारी दी और कहा कि इस पावन अस्थान पर कोई भी व्यक्ति माथा टेक सकता है, वह चाहे किसी भी धर्म, नस्ल और जाति का क्यों न हो।
एसजीपीसी के अधिकारियों ने इन देशों के राजदूतों को बताया कि श्री हरमंदिर साहिब में प्रतिदिन दुनिया भर से दो लाख से अधिक श्रद्धालु माथा टेकने के लिए आते हैं। इससे पहले केंद्रीय मंत्री की अगुवाई में गुरु नगरी पहुंचे इन देशों के राजदूतों को श्री हरमंदिर साहिब में प्रवेश करते ही कड़ी सुरक्षा के घेरे में ले लिया गया।
एसजीपीसी की टास्क फोर्स के घेरे में इन राजदूतों ने पवित्र परिक्रमा के दर्शन किए। राजदूतों के साथ हरदीप पुरी, एसजीपीसी के अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल सहित कई एसजीपीसी और प्रशासनिक अधिकारी भी थे। श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य प्रवेश द्वार घंटा घर साहिब की तरफ जब यह राजदूत पहुंचे तो एसजीपीसी ने फूलों की माला पहनाकर इनका स्वागत किया।
इससे पहले सभी राजदूत एक विशेष विमान से श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। मंत्री सुखजिंदर सिंह सरकारिया और सांसद गुरजीत औजला के साथ-साथ जिला प्रशासन ने उनका स्वागत किया। जिला प्रशासन ने हवाई अड्डे में इन राजदूतों का स्वागत भारतीय परंपरा के अनुसार माथे पर तिलक लगाकर किया।