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Amritsar News: श्री आनंदपुर साहिब मामले की जांच रिपोर्ट मंगलवार को सौंपेगी कमेटी
Mon, 05 Oct 2026 11:43 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:43 PM IST
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एसजीपीसी सचिव काहलवां बोले - जांच से पहले एकतरफा बयानबाजी उचित नहीं
सोशल मीडिया को जांच एजेंसी का विकल्प न बनाएं।
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। एसजीपीसी की चार सदस्यीय जांच कमेटी मंगलवार को अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सौंपेगी। यह रिपोर्ट एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को दी जाएगी। एसजीपीसी सचिव और जांच कमेटी के समन्वयक बलविंदर सिंह काहलवां ने सोमवार को यह जानकारी दी।
काहलवां ने बताया कि जांच कमेटी संबंधित तथ्यों, दस्तावेज और विभिन्न पक्षों की गंभीरता से पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य किसी व्यक्ति या पक्ष के पक्ष में बात करना नहीं है। इसका लक्ष्य मामले से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने रखना है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। एकतरफा धारणा बनाना या तथ्यों के बिना बयानबाजी करना गलत है। ऐसी बयानबाजी से सिख संस्थाओं, गुरु घरों और सिख शख्सियतों के सम्मान को ठेस पहुंचती है।
संयम बरतने की अपील
काहलवां ने संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया को अदालत या जांच एजेंसी का विकल्प न बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी सिख शख्सियत की छवि खराब करना गलत है। किसी संस्था के खिलाफ प्रचार करने से विवाद और भ्रम की स्थिति बनती है। उन्होंने सभी पक्षों से जांच रिपोर्ट आने तक संयम बरतने की अपील की। एकतरफा या तथ्यों से रहित बयानबाजी से गुरेज करने को कहा। प्राथमिक रिपोर्ट के तथ्यों की जानकारी एसजीपीसी प्रधान धामी देंगे।
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सोशल मीडिया को जांच एजेंसी का विकल्प न बनाएं।
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। एसजीपीसी की चार सदस्यीय जांच कमेटी मंगलवार को अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सौंपेगी। यह रिपोर्ट एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी को दी जाएगी। एसजीपीसी सचिव और जांच कमेटी के समन्वयक बलविंदर सिंह काहलवां ने सोमवार को यह जानकारी दी।
काहलवां ने बताया कि जांच कमेटी संबंधित तथ्यों, दस्तावेज और विभिन्न पक्षों की गंभीरता से पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य किसी व्यक्ति या पक्ष के पक्ष में बात करना नहीं है। इसका लक्ष्य मामले से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने रखना है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। एकतरफा धारणा बनाना या तथ्यों के बिना बयानबाजी करना गलत है। ऐसी बयानबाजी से सिख संस्थाओं, गुरु घरों और सिख शख्सियतों के सम्मान को ठेस पहुंचती है।
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संयम बरतने की अपील
काहलवां ने संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया को अदालत या जांच एजेंसी का विकल्प न बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए किसी सिख शख्सियत की छवि खराब करना गलत है। किसी संस्था के खिलाफ प्रचार करने से विवाद और भ्रम की स्थिति बनती है। उन्होंने सभी पक्षों से जांच रिपोर्ट आने तक संयम बरतने की अपील की। एकतरफा या तथ्यों से रहित बयानबाजी से गुरेज करने को कहा। प्राथमिक रिपोर्ट के तथ्यों की जानकारी एसजीपीसी प्रधान धामी देंगे।
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