शहीद स्थली जलियांवाला बाग के बंद दरवाजे एक साल बीतने के बावजूद खोले नहीं जा सके हैं। इससे अमृतसर में आने वाले पर्यटक निराश लौट रहे हैं। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने जलियांवाला बाग के शताब्दी वर्ष 13 अप्रैल 2019 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शहीद स्थली के सौंदर्यीकरण का नींव पत्थर रखा था। केंद्रीय सांस्कृतिक व पर्यटन मंत्रालय ने जलियांवाला बाग के विकास के लिए 20 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा था। इस राशि से जलियांवाला बाग के मुख्य प्रवेश द्वार, ऐतिहासिक कुएं के साथ-साथ गैलरी, शहीद लाट और गलियारा को एक नया रूप दिया गया। पर्यटकों को उस समय के इतिहास की जानकारी देने के लिए लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन किया जाना है। अब जलियांवाला बाग के सौंदर्यीकरण का काम पूरा हुए कई महीने बीत चुके हैं लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने शहीद स्थली के द्वार खोलने का कोई फैसला नहीं किया है। केंद्र ने बीते वर्ष के दौरान जलियांवाला बाग को खोलने के लिए कई बार तारीखों की घोषणा की, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।
तारीख पर तारीख : एक साल बाद भी नहीं खुले जलियांवाला बाग के बंद दरवाजे, निराश लौट रहे पर्यटक
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केंद्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन मंत्रालय ने 15 फरवरी 2020 को जलियांवाला बाग के जीर्णोद्धार का हवाला देकर पर्यटकों को सूचित किया था कि 12 अप्रैल 2020 तक शहीद स्थली के किवाड़ बंद रहेंगे। इसके बाद लॉकडाउन के कारण किवाड़ खोलने की तारीख 31 मई निर्धारित की गई थी। जीर्णोद्धार के चल रहे कार्यों के कारण अप्रैल 2020 में जलियांवाला बाग में शताब्दी समारोह का आयोजन नहीं हो सका था।
इसके बाद केंद्र सरकार ने 31 जुलाई 2020 को जलियांवाला बाग पर्यटकों के लिए खोलने की घोषणा की। बाग के मुख्य प्रवेश द्वार पर इस बाबत एक होर्डिंग भी लगा दिया गया था लेकिन बाग के किवाड़ नहीं खुले। जलियांवाला बाग के किवाड़ कब खुलेंगे, इसकी जानकारी ट्रस्ट के सचिव एस मुखर्जी को भी नहीं है। वहीं जलियांवाला बाग यादगारी ट्रस्ट के सदस्य और सांसद श्वेत मलिक के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही जलियांवाला बाग पर्यटकों के लिए खोल देंगे।
मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर से कर रहे हैं शहीदों को नमन
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद जब श्रद्धालु जलियांवाला बाग पहुंचते हैं तो मुख्य प्रवेश द्वार के किवाड़ बंद देख कर निराश हो जाते हैं। वह मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बने फुटपाथ पर बैठकर ही शहीदों को नमन कर लेते हैं।
भारतीय जनवादी नौजवान सभा के जिला सचिव कुलबीर सिंह ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की है कि शहीद स्थली को पर्यटकों के लिए तुरंत खोला जाए। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग 13 अप्रैल 2021 से पहले पर्यटकों के लिए न खोला गया तो इसका सख्त विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सौंदर्यीकरण के नाम पर जलियांवाला बाग के इतिहास से छेड़छाड़ की कोशिश की गई तो सहन नहीं किया जाएगा। प्रशासन अलग-अलग संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल जलियांवाला बाग भेजे ताकि विकास के कामों के बारे में जानकारी मिल सके।