अमर उजाला की खास पेशकश बताइये सांसद जी में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी से बातचीत की गई। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में रेल और सड़क के दस हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। यह आने वाले दो वर्षों में पूरे होंगे। इंदौर, उज्जैन, पीथमपुर, देवास को मिलाकर मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने अन्य विषयों से जुड़े सवालों पर भी बेबाकी से जवाब दिए।
बताइये सांसद जी: इंदौर के सांसद शंकर लालवानी का दावा- कनेक्टिविटी बढ़ेगी, महानगर के अनुसार बनेगा मास्टर प्लान
Bataiye Sansad Ji: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि अगले दो साल में शहर रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी कई गुना बढ़ जाएगी। शहर का मास्टर प्लान भी महानगर की तर्ज पर बनेगा।
आपके पांच साल के कार्यकाल में इंदौर ने क्या पाया?
शंकर लालवानीः कोविड का कालखंड छोड़ दें तो इंदौर में विकास के काम लगातार हुए हैं। जब मैं सांसद बना था, तो मैं यही सोचता था कि शहर आगे कैसे बढ़े? मैंने अपने कार्यकाल में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा फोकस किया। रेल, सड़क और एयर कनेक्टिविटी के मामले में काफी काम इंदौर में हुए हैं। इंदौर और आसपास सड़कों के साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये के काम चल रहे है।
दो साल में जब यह काम पूरे हो जाएंगे, तो इंदौर देश के कई हिस्सों से जुड़ जाएगा। इंदौर से हरदा, नागपुर से सीधे कोलकता तक सड़क कनेक्ट हो रही है। अहमदाबाद और कांडला से जुड़ जाएंगे। इंदौर कांडला और कोलकता से सीधे जुड़ जाएगा। एबी रोड के अलावा इंदौर से झालावाड़, कोटा, जयपुर होते हुए दिल्ली की नई कनेक्टिविटी जुड़ेगी। इंदौर से हैदराबाद जाने में अभी 18 से 20 घंटे लगते हैं, लेकिन इंदौर से खंडवा, बुरहानपुर से हैदराबाद की कनेक्टिविटी भी रहेगी। इन सभी मार्गों के निर्माण कार्य जारी है। इंदौर देश के मध्य हिस्से में है। इन प्रोजेक्ट्स से इंदौर में निवेश बढ़ेगा। लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
रेलवे परियोजनाएं धीमी गति से चल रही है। काम कब तक पूरे होंगे?
शंकर लालवानीः रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में भी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के काम चल रहे हैं। इंदौर-दाहोद और इंदौर-खंडवा रेललाइन पर फोकस है। यह काम दो साल में पूरे हो जाएंगे तो रेलवे के नक्शे पर इंदौर की अहमियत बढ़ जाएगी। नॉर्थ और साउथ की तरफ ट्रेनें भोपाल-खंडवा से घूमकर जाती है। इंदौर के प्रोजेक्ट्स के कारण रेलवे का रुट नॉर्थ और साउथ के लिए 200 किलोमीटर छोटा हो जाएगा। इंदौर से उज्जैन के बीच अमृत शटल ट्रेन चलेगी।
इंदौर का विकास संतुलित क्यों नहीं हो पाता है? पूर्वी के मुकाबले पश्चिमी क्षेत्र पिछड़ा है।
शंकर लालवानीः यह बात सही है कि पूर्वी क्षेत्र की तुलना में पश्चिमी क्षेत्र में काम कम हुए,लेकिन अब पश्चिमी रिंगरोड बनने जा रहा है। शहर में यह रिंग लंबे समय से मिसिंग थी। यह रिंग रोड शिप्रा के पास से सांवेर से देपालपुर रोड़ होते हुए धार रोड़ पर मिलेगा। इसके अलावा पश्चिमी क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब और दस हजार करोड़ रुपये का टेक्सटाइल पार्क भी इंदौर से 40 किलोमीटर दूर बन रहा है। पश्चिमी क्षेत्र में रहने वालों को इससे रोजगार मिलेगा।
क्या कोई ऐसा काम भी है जो आपके कार्यकाल में मूर्त रूप न ले पाया हो?
शंकर लालवानीः कोरोना काल के कारण कुछ कामों में देरी हुई, लेकिन बाद में उन्होंने गति पकड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में 101 अमृत सरोवर बनाए। आदर्श गांवों में हम आगे हैं। विकास की प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी।
बीते 100 साल में तीन मास्टर प्लान इंदौर में बने। नया मास्टर प्लान अभी तक क्यों नहीं आया?
शंकर लालवानीः मास्टर प्लान का काम चल रहा है। हमारा सरकार से अनुरोध था कि आने वाले 50 साल के हिसाब से मास्टर प्लान तैयार होना चाहिए। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने देश के बड़े शहरों के मास्टर प्लान बनाने के लिए यूरोपियन देशों के विशेषज्ञ की सेवा ली। मैं मंत्रालय की समिति में हूं। बड़े शहरों की सूची में मैने इंदौर को जुड़वाया। इसके बाद पांच दिन विशेषज्ञ अपनी टीम के साथ इंदौर में रुके और एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इंदौर अब महानगर के रूप में विकसित होगा। इंदौर में मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी भी बनना चाहिए। सरकार भी सोच रही है कि इंदौर, उज्जैन, पीथमपुर, महू, देवास का समग्र मास्टर प्लान बने। उसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं।
आप अपने कार्यकाल से कितने संतुष्ट हैं? क्या पार्टी दोबारा टिकट देगी?
शंकर लालवानीः मैं कभी भी संतुष्ट नहीं रहता हूं क्योकि मुझे काम करने की ललक है। इंदौर में काम करने की संभावनाएं हैं। इंदौर तेजी से बढ़ता हुआ शहर है। यहां काफी काम होना है। जहां तक टिकट का सवाल है तो बता दूं कि मैं सबसे पहले पार्टी का कार्यकर्ता हूं। पार्टी समय-समय पर जो काम देती है, वह किए जाते हैं। भविष्य में भी जो जिम्मेदारी देगी, उसे निभाएंगे।
