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Indore Yeshwant club Election: चार साल बाद हुए यशवंत क्लब चुनाव में टोनी की पैनल ने मारी बाजी, पम्मी को मिली हार
Mon, 20 Jun 2022 01:51 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Mon, 20 Jun 2022 01:51 PM IST
सार
कुलीनों के क्लब यशवंत क्लब में चार साल बाद चुनाव हुए। इस बार टोनी सचदेवा पैनल और पम्मी छाबड़ा पैनल आमने-सामने थी। चुनाव में टोनी सचदेवा ने जीत हासिल की। उनकी पैनल ने बाजी मारी।
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यशवंत क्लब इंदौर
- फोटो : सोशल मीडिया
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शहर के संभ्रांत वर्ग के यशवंत क्लब में नए सदस्यों को लेकर रविवार को चुनाव हुए। हर दो साल में चुनाव होते हैं लेकिन इस बार कोरोना के कारण चार साल बाद चुनाव हुए। सुबह से शाम तक मतदान हुआ और रात को परिणाम आया। इस बार चुनाव में टोनी सचदेवा ने जीत हासिल की और पम्मी छाबड़ा को हराकर अध्यक्ष बने। टोनी सचदेवा की पैनल का दबदबा रहा।
मतदान के चलते रही गहमागहमी
- फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह 10 बजे से चार बूथों पर मतदान शुरू हुआ, जो शाम चार बजे तक चला। शाम 6 बजे से मतगणना शुरू हुई जो रात करीब नौ बजे तक चली। यशवंत क्लब में साढ़े चार हजार मतदाता हैं, लेकिन मतदान करने आधे ही लोग आते हैं। चुनाव में पम्मी छाबड़ा और टोनी सचदेवा पैनल के बीच सीधी टक्कर रही। आम चुनावों की तरह ही इस चुनाव का भी रंग जमा मगर पारिवारिक माहौल भी दिखा।
मतदान करने पहुंचे लोग
- फोटो : सोशल मीडिया
दोनों पैनलों के दावेदारों के साथ ही उनके परिवार के सदस्य भी मतदाताओं से वोट की मांग करते नजर आए। क्लब के प्रवेश द्वार पर दोनों तरफ दोनों पैनल के प्रत्याशी खड़े थे। छाबड़ा पैनल जहां पीले कपड़ों में नजर आई वहीं टोनी सचदेवा पैनल ने सफेद रंग चुना। महिलाएं और बच्चे अपनी अपनी पैनल के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
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विजयी उम्मीदवारों का किया स्वागत
- फोटो : सोशल मीडिया
देर रात को हुई मतगणना के बाद स्थिति साफ हो गई। टोनी सचदेवा चेयरमैन बने। उन्होंने पम्मी छाबड़ा को हराया। टोनी को 1348 वोट मिले जबकि पम्मी छाबड़ा को 1095 वोट मिले। सचिव पद पर संजय गोरानी ने जीत हासिल की और 1558 वोट मिले। सुदीप भंडारी शैंकी को 882 वोट मिले। सह सचिव पद पर अतुल सेठ विजयी हुए और 1335 वोट मिले। सुरभि मानोचा चौधरी को 1095 वोट मिले। कोषाध्य़क्ष पद पर आदित्य उपाध्याय जीते और 1310 वोट मिले। विजय कुमार कस्तुरी को 1123 वोट मिले। रूपल पारेख, संदीप जैन, नितेश दानी, विपिन कूलवाल, अनिमेष सोनी कार्यकारिणी सदस्य बने।
ये थे उम्मीदवार
पम्मी छाबड़ा पैनल - चेयरमैन –परमजीत सिंह छाबड़ा (पम्मी), सचिव –सुदीप भंडारी (शैंकी), कोषाध्यक्ष –विजय कस्तूरी, सह सचिव –अतुल सेठ, कार्यकारिणी सदस्य – नितेश गुप्ता, मनीष महासे, डॉ. मनोज पहाड़िया, अनिमेश सोनी, शिखर वर्मा
टोनी सचदेवा पैनल - चेयरमैन –मंजीत सचदेवा (टोनी), सचिव –संजय गोरानी, कोषाध्यक्ष –आदित्य उपाध्याय, सह सचिव –सुरभि मनोचा चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य –रूपल पारेख, विपिन कूलवाल, नितेश दानी, संदीप जैन, शैलेंद्र खरे।
सचदेवा पैनल के सात उम्मीदवार जीते
इस चुनाव में सचदेवा पैनल के सात उम्मीदवार जीते। किसी समय टोनी सचदेवा और पम्मी छाबड़ा अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन चुनावी राजनीति के चलते दोनों आमने-सामने हो गए। पिछले 14 वर्षों में दोनों के बीच ही क्लब के चेयरमैन की कुर्सी घूम रही है। कुछ दिनों पहले क्लब में हुई तंबोला पार्टी के दौरान पम्मी छाबड़ा की वरिष्ठ सदस्य रवि भास्कर से झड़प भी हो गई थी। इस घटना का उनके पैनल पर नकारात्मक असर पड़ा। 70 वर्षीय टोनी सचदेवा छह बार चेयरमैन जबकि दो बार सचिव रहे। पहली बार वर्ष 1977 में मैनेजिंग कमेटी का चुनाव जीते थे। वर्ष 1983-84 और 1991-92 में वे सचिव चुने गए। इसके बाद वर्ष 1992-93, वर्ष 1998-2000, वर्ष 2004-06, वर्ष 2008-10, वर्ष 2014-16 और वर्ष 2016-18 में चेयरमैन बने। वहीं संजय गोरानी पहली बार सचिव बने हैं। इससे पहले वे वर्ष 2006-08 में मैनेजिंग कमेटी में चुने गए थे।
1934 में अस्तित्व में आया था क्लब
यशवंत क्लब 1934 में इंदौर के महाराजा सर तुकोजीराव तृतीय होलकर के आदेश पर अस्तित्व में आया था। प्रारंभ में क्लब रॉयल्टी, कुलीनता, अभिजात वर्ग और होलकर राज के अधिकारियों के लिए खोला गया था। बाद में इसके दरवाजे व्यापारिक, अभिजात वर्ग के लिए खोल दिए गए। महारानी उषा देवी क्लब की मुख्य संरक्षक हैं और मध्य प्रदेश के मानद मुख्यमंत्री क्लब के अध्यक्ष हैं। क्लब संगीत रातों, तंबोला, खेल, टूर्नामेंट और प्रदर्शनों का आयोजन करता है। टेनिस, स्क्वैश, बॉस्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस जैसी इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं हैं। क्लब एक क्रिकेट मैदान, फुटबॉल, मैदान आधुनिक जिम और स्विमिंग पूल का रखरखाव करता है। गर्मी के दिनों में कोचिंग कैंपों का भी आयोजन किया जाता है।
ये थे उम्मीदवार
पम्मी छाबड़ा पैनल - चेयरमैन –परमजीत सिंह छाबड़ा (पम्मी), सचिव –सुदीप भंडारी (शैंकी), कोषाध्यक्ष –विजय कस्तूरी, सह सचिव –अतुल सेठ, कार्यकारिणी सदस्य – नितेश गुप्ता, मनीष महासे, डॉ. मनोज पहाड़िया, अनिमेश सोनी, शिखर वर्मा
टोनी सचदेवा पैनल - चेयरमैन –मंजीत सचदेवा (टोनी), सचिव –संजय गोरानी, कोषाध्यक्ष –आदित्य उपाध्याय, सह सचिव –सुरभि मनोचा चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य –रूपल पारेख, विपिन कूलवाल, नितेश दानी, संदीप जैन, शैलेंद्र खरे।
सचदेवा पैनल के सात उम्मीदवार जीते
इस चुनाव में सचदेवा पैनल के सात उम्मीदवार जीते। किसी समय टोनी सचदेवा और पम्मी छाबड़ा अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन चुनावी राजनीति के चलते दोनों आमने-सामने हो गए। पिछले 14 वर्षों में दोनों के बीच ही क्लब के चेयरमैन की कुर्सी घूम रही है। कुछ दिनों पहले क्लब में हुई तंबोला पार्टी के दौरान पम्मी छाबड़ा की वरिष्ठ सदस्य रवि भास्कर से झड़प भी हो गई थी। इस घटना का उनके पैनल पर नकारात्मक असर पड़ा। 70 वर्षीय टोनी सचदेवा छह बार चेयरमैन जबकि दो बार सचिव रहे। पहली बार वर्ष 1977 में मैनेजिंग कमेटी का चुनाव जीते थे। वर्ष 1983-84 और 1991-92 में वे सचिव चुने गए। इसके बाद वर्ष 1992-93, वर्ष 1998-2000, वर्ष 2004-06, वर्ष 2008-10, वर्ष 2014-16 और वर्ष 2016-18 में चेयरमैन बने। वहीं संजय गोरानी पहली बार सचिव बने हैं। इससे पहले वे वर्ष 2006-08 में मैनेजिंग कमेटी में चुने गए थे।
1934 में अस्तित्व में आया था क्लब
यशवंत क्लब 1934 में इंदौर के महाराजा सर तुकोजीराव तृतीय होलकर के आदेश पर अस्तित्व में आया था। प्रारंभ में क्लब रॉयल्टी, कुलीनता, अभिजात वर्ग और होलकर राज के अधिकारियों के लिए खोला गया था। बाद में इसके दरवाजे व्यापारिक, अभिजात वर्ग के लिए खोल दिए गए। महारानी उषा देवी क्लब की मुख्य संरक्षक हैं और मध्य प्रदेश के मानद मुख्यमंत्री क्लब के अध्यक्ष हैं। क्लब संगीत रातों, तंबोला, खेल, टूर्नामेंट और प्रदर्शनों का आयोजन करता है। टेनिस, स्क्वैश, बॉस्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस जैसी इनडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं हैं। क्लब एक क्रिकेट मैदान, फुटबॉल, मैदान आधुनिक जिम और स्विमिंग पूल का रखरखाव करता है। गर्मी के दिनों में कोचिंग कैंपों का भी आयोजन किया जाता है।
