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‘दुर्गा बनो, काली बनो लेकिन बुर्के वाली नहीं’: धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान, जातिवाद खत्म करने का दिया संदेश
Tue, 13 Oct 2026 10:47 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 10:47 PM IST
सार
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा मंगलवार को दमोह पहुंची। सभा में उन्होंने जातिवाद समाप्त करने, हिंदू समाज को एकजुट रहने और धार्मिक संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की। युवतियों, गरबा पंडालों और धार्मिक पहचान पर दिए उनके बयानों की सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।
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दमोह में बोले बागेश्वर बाबा
- फोटो : अमर उजाला
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा मंगलवार दोपहर दमोह पहुंची। शहर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में आयोजित आशीर्वचन कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए हिंदू समाज से जातिवाद समाप्त कर एकजुट रहने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने धर्मांतरण, गौहत्या और लव जिहाद जैसे मुद्दे उठाए। वहीं, युवतियों को प्रेमजाल में फंसने से बचने और अपनी पहचान छिपाकर धार्मिक आयोजनों में प्रवेश करने वाले लोगों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उनके संबोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके कुछ बयानों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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दमोह में सनातन हिन्दू एकता यात्रा में एकजुटता का दिया संदेश
गरबा पंडालों में पहचान और प्रवेश को लेकर भी उठाया सवाल
नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में प्रवेश के मुद्दे पर भी धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएं मूर्ति पूजा से आहत होती हैं, तो वह गरबा पंडालों में क्यों पहुंचता है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों में पहचान की जांच करने और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कथित तौर पर पंडालों में प्रवेश से पहले गौमूत्र पिलाने का सुझाव भी दिया। यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस तरह की व्यवस्था को लेकर आयोजकों या प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
जातिवाद खत्म होगा, तभी सफल होगी हिंदू एकता यात्रा
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन हिंदू एकता यात्रा का उद्देश्य समाज को एकजुट करना है। इसके लिए सबसे पहले जातिवाद और आपसी भेदभाव को समाप्त करना होगा। उन्होंने सभी वर्गों से एक साथ आने और सामाजिक एकता का परिचय देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब किसी हिंदू परिवार पर संकट आए, तब समाज के लोगों को एकजुट होकर उसके साथ खड़ा होना चाहिए। केवल धार्मिक यात्राओं और आयोजनों में भीड़ जुटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करना भी जरूरी है। उनके अनुसार, यही एकता यात्रा की वास्तविक सफलता होगी।
नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में प्रवेश के मुद्दे पर भी धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएं मूर्ति पूजा से आहत होती हैं, तो वह गरबा पंडालों में क्यों पहुंचता है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों में पहचान की जांच करने और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कथित तौर पर पंडालों में प्रवेश से पहले गौमूत्र पिलाने का सुझाव भी दिया। यह बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस तरह की व्यवस्था को लेकर आयोजकों या प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
जातिवाद खत्म होगा, तभी सफल होगी हिंदू एकता यात्रा
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन हिंदू एकता यात्रा का उद्देश्य समाज को एकजुट करना है। इसके लिए सबसे पहले जातिवाद और आपसी भेदभाव को समाप्त करना होगा। उन्होंने सभी वर्गों से एक साथ आने और सामाजिक एकता का परिचय देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब किसी हिंदू परिवार पर संकट आए, तब समाज के लोगों को एकजुट होकर उसके साथ खड़ा होना चाहिए। केवल धार्मिक यात्राओं और आयोजनों में भीड़ जुटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरत के समय एक-दूसरे की मदद करना भी जरूरी है। उनके अनुसार, यही एकता यात्रा की वास्तविक सफलता होगी।
दमोह में सनातन हिन्दू एकता यात्रा में एकजुटता का दिया संदेश
‘देश को बंटने से बचाने के लिए दिन-रात घूम रहा हूं’
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे देश को बंटने से बचाने और हिंदू समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने साधु-संतों की ओर से निकाली जा रही यात्राओं का उल्लेख करते हुए लोगों से सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने भविष्य की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समाज समय रहते एकजुट नहीं हुआ, तो देश के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदुओं की स्थिति कमजोर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जब लोग पूछेंगे कि देश मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब उन्होंने क्या किया, तो वे गर्व से कह सकेंगे कि हिंदुओं को जागरूक करने के लिए यात्रा निकाली थी।
धर्मांतरण और गौहत्या के मुद्दों पर भी रखी बात
आशीर्वचन कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण और गौहत्या के मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सनातन संस्कृति की रक्षा, धार्मिक परंपराओं के प्रति जागरूकता और समाज में एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आना चाहिए। उनके संबोधन में धार्मिक पहचान, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की एकता प्रमुख विषय रहे।
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे देश को बंटने से बचाने और हिंदू समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने साधु-संतों की ओर से निकाली जा रही यात्राओं का उल्लेख करते हुए लोगों से सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने भविष्य की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समाज समय रहते एकजुट नहीं हुआ, तो देश के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदुओं की स्थिति कमजोर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जब लोग पूछेंगे कि देश मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब उन्होंने क्या किया, तो वे गर्व से कह सकेंगे कि हिंदुओं को जागरूक करने के लिए यात्रा निकाली थी।
धर्मांतरण और गौहत्या के मुद्दों पर भी रखी बात
आशीर्वचन कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण और गौहत्या के मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने सनातन संस्कृति की रक्षा, धार्मिक परंपराओं के प्रति जागरूकता और समाज में एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आना चाहिए। उनके संबोधन में धार्मिक पहचान, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की एकता प्रमुख विषय रहे।
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दमोह में सनातन हिन्दू एकता यात्रा में एकजुटता का दिया संदेश
जल्द दमोह में कथा और दिव्य दरबार लगाने की घोषणा
कार्यक्रम के अंत में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आयोजन समिति और बागेश्वर धाम शिष्य मंडल का आभार जताया। उन्होंने जल्द ही दोबारा दमोह आने की बात कही और यहां कथा आयोजित करने के साथ दिव्य दरबार लगाने की घोषणा की। उन्होंने दमोह में रात्रि विश्राम करने की इच्छा भी मंच से व्यक्त की। उनकी इस घोषणा से स्थानीय श्रद्धालुओं को आगामी धार्मिक आयोजन की उम्मीद जगी है। हालांकि, कथा और दिव्य दरबार की तारीख तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस की निगरानी में संपन्न हुआ कार्यक्रम
सनातन हिंदू एकता यात्रा और आशीर्वचन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, सीएसपी एचआर पांडे और कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार सहित विभिन्न थाना-चौकियों के पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालते नजर आए। कार्यक्रम के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कुछ भक्तों से मुलाकात की। इसके बाद वे जबलपुर नाका और किल्लाई नाका होते हुए बालाकोट बायपास मार्ग से सागर की ओर रवाना हो गए।
कार्यक्रम के अंत में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आयोजन समिति और बागेश्वर धाम शिष्य मंडल का आभार जताया। उन्होंने जल्द ही दोबारा दमोह आने की बात कही और यहां कथा आयोजित करने के साथ दिव्य दरबार लगाने की घोषणा की। उन्होंने दमोह में रात्रि विश्राम करने की इच्छा भी मंच से व्यक्त की। उनकी इस घोषणा से स्थानीय श्रद्धालुओं को आगामी धार्मिक आयोजन की उम्मीद जगी है। हालांकि, कथा और दिव्य दरबार की तारीख तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत कार्यक्रम की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस की निगरानी में संपन्न हुआ कार्यक्रम
सनातन हिंदू एकता यात्रा और आशीर्वचन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, सीएसपी एचआर पांडे और कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार सहित विभिन्न थाना-चौकियों के पुलिसकर्मी व्यवस्था संभालते नजर आए। कार्यक्रम के बाद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कुछ भक्तों से मुलाकात की। इसके बाद वे जबलपुर नाका और किल्लाई नाका होते हुए बालाकोट बायपास मार्ग से सागर की ओर रवाना हो गए।
