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मध्यप्रदेश: मुंबई रोड शो से एमपी को मिले 90 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव, सीएम बोले- एमपी संभावनाओं का गढ़
Thu, 08 Oct 2026 06:57 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 08 Oct 2026 06:57 PM IST
सार
मुंबई रोड शो में मध्यप्रदेश को करीब 90 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 14 हजार 375 रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, डेटा सेंटर और फार्मा समेत कई क्षेत्रों में निवेशकों ने रुचि दिखाई, अकेले एसीएमई ग्लोबल ने 47 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश सरकार के मुंबई रोड शो में प्रदेश को करीब 90 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से करीब 14 हजार 375 लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुंबई रोड शो में देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में नए निवेश के साथ मौजूदा कारोबार के विस्तार में भी रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि मुंबई निवेशकों का गढ़ है, जबकि मध्यप्रदेश संभावनाओं का प्रदेश है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्याप्त बिजली, बैंकिंग सुविधाएं, बेहतर मानव संसाधन और कुशल श्रमिक उपलब्ध हैं। देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और कारोबार के लिहाज से भी फायदा मिलता है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
अकेले एसीएमई का 47 हजार करोड़ का प्रस्ताव
मुंबई रोड शो में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव एसीएमई ग्लोबल की ओर से सामने आया है। कंपनी मध्यप्रदेश में करीब 47 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की तैयारी में है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अवाडा समूह, आईनॉक्स और एयर प्रोडक्ट्स की ओर से भी निवेश प्रस्ताव मिले हैं। फार्मा क्षेत्र में इनक्यूब एथिकल समेत कई कंपनियों ने प्रदेश में निवेश और मौजूदा कारोबार के विस्तार में रुचि दिखाई है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और रसायन विनिर्माण क्षेत्र में भी निवेशकों ने संभावनाएं तलाशने की बात कही है।
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जीआईएस के 30 फीसदी से ज्यादा प्रस्ताव जमीन पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी जीआईएस के जरिए मिले निवेश प्रस्तावों में से 30 फीसदी से अधिक, करीब 10 लाख करोड़ रुपए के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने बताया कि अगले साल फिर जीआईएस आयोजित किया जाएगा। मुंबई रोड शो के दौरान निवेशकों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ आमने-सामने बैठकें भी कीं। विभिन्न देशों के वाणिज्यिक प्रतिनिधियों और राजदूतों के साथ भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले से मध्यप्रदेश में निवेश कर रही कुछ कंपनियों ने अपने कारोबार का विस्तार करने की इच्छा भी जताई है।
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मुंबई रोड शो में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव एसीएमई ग्लोबल की ओर से सामने आया है। कंपनी मध्यप्रदेश में करीब 47 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की तैयारी में है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अवाडा समूह, आईनॉक्स और एयर प्रोडक्ट्स की ओर से भी निवेश प्रस्ताव मिले हैं। फार्मा क्षेत्र में इनक्यूब एथिकल समेत कई कंपनियों ने प्रदेश में निवेश और मौजूदा कारोबार के विस्तार में रुचि दिखाई है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर और रसायन विनिर्माण क्षेत्र में भी निवेशकों ने संभावनाएं तलाशने की बात कही है।
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जीआईएस के 30 फीसदी से ज्यादा प्रस्ताव जमीन पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यानी जीआईएस के जरिए मिले निवेश प्रस्तावों में से 30 फीसदी से अधिक, करीब 10 लाख करोड़ रुपए के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने बताया कि अगले साल फिर जीआईएस आयोजित किया जाएगा। मुंबई रोड शो के दौरान निवेशकों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों के साथ आमने-सामने बैठकें भी कीं। विभिन्न देशों के वाणिज्यिक प्रतिनिधियों और राजदूतों के साथ भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले से मध्यप्रदेश में निवेश कर रही कुछ कंपनियों ने अपने कारोबार का विस्तार करने की इच्छा भी जताई है।
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सीएम मोहन ने उद्योगपतियों से संवाद किया
- फोटो : अमर उजाला
2030 तक जीएसडीपी बढ़ाने का लक्ष्य
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की जीडीपी 16.7 लाख करोड़ रुपए है और वर्ष 2011-12 की तुलना में प्रति व्यक्ति आय 4.4 गुना बढ़ी है। प्रदेश करीब आठ प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मंडलोई ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2030 तक प्रदेश की जीएसडीपी बढ़ाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध होने के साथ सरप्लस बिजली वाला राज्य है। उद्योगों के विकास के लिए संसाधन, बिजली, लोकेशन और कुशल कामगार प्रदेश की चार प्रमुख ताकत हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 340 इंडस्ट्रियल पार्क, सात स्मार्ट सिटी और पांच आईटी स्पेशल जोन हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए करीब एक लाख एकड़ का लैंड बैंक भी उपलब्ध है।
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सस्ती बिजली और आसान निवेश प्रक्रिया
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए बिजली की दरें प्रतिस्पर्धी हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। उद्योगों को एक रुपए में औद्योगिक भूमि और 4.36 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की बात भी रखी गई। सरकार का फोकस निवेशकों के लिए नए और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर है। मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और गेहूं उत्पादन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऐसे में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए धार में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के वैश्विक कपास उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान को भी निवेशकों के सामने रेखांकित किया गया। मंडलोई ने बताया कि प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में पंप स्टोरेज यूनिट स्थापित की जा रही हैं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करने के लिए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए गए हैं। इसके अलावा फुटवेयर, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बताई गईं।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश: सीएम मोहन यादव बोले- हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय कांग्रेस आत्ममंथन करे
पर्यटन में भी निवेश की बड़ी संभावनाएं
मध्यप्रदेश खनिज संसाधनों के आधार पर खनन और सीमेंट उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में सीमेंट प्लांट्स के विस्तार के साथ इस क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाओं पर भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया गया। पर्यटन क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा गया कि मध्यप्रदेश में 18 यूनेस्को साइट, नौ टाइगर रिजर्व और 12 नेशनल पार्क हैं। उज्जैन के पास वेलनेस सेंटर भी स्थापित किया गया है। प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और वेलनेस पर्यटन को देखते हुए प्रदेश में पर्यटन आधारित निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं, उपलब्ध संसाधनों और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की जीडीपी 16.7 लाख करोड़ रुपए है और वर्ष 2011-12 की तुलना में प्रति व्यक्ति आय 4.4 गुना बढ़ी है। प्रदेश करीब आठ प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मंडलोई ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2030 तक प्रदेश की जीएसडीपी बढ़ाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध होने के साथ सरप्लस बिजली वाला राज्य है। उद्योगों के विकास के लिए संसाधन, बिजली, लोकेशन और कुशल कामगार प्रदेश की चार प्रमुख ताकत हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 340 इंडस्ट्रियल पार्क, सात स्मार्ट सिटी और पांच आईटी स्पेशल जोन हैं। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए करीब एक लाख एकड़ का लैंड बैंक भी उपलब्ध है।
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सस्ती बिजली और आसान निवेश प्रक्रिया
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए बिजली की दरें प्रतिस्पर्धी हैं। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। उद्योगों को एक रुपए में औद्योगिक भूमि और 4.36 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने की बात भी रखी गई। सरकार का फोकस निवेशकों के लिए नए और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर है। मध्यप्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और गेहूं उत्पादन में भी अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऐसे में फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए धार में पीएम मित्र पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के वैश्विक कपास उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान को भी निवेशकों के सामने रेखांकित किया गया। मंडलोई ने बताया कि प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में पंप स्टोरेज यूनिट स्थापित की जा रही हैं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत करने के लिए मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए गए हैं। इसके अलावा फुटवेयर, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं बताई गईं।
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पर्यटन में भी निवेश की बड़ी संभावनाएं
मध्यप्रदेश खनिज संसाधनों के आधार पर खनन और सीमेंट उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में सीमेंट प्लांट्स के विस्तार के साथ इस क्षेत्र में नए निवेश की संभावनाओं पर भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया गया। पर्यटन क्षेत्र को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा गया कि मध्यप्रदेश में 18 यूनेस्को साइट, नौ टाइगर रिजर्व और 12 नेशनल पार्क हैं। उज्जैन के पास वेलनेस सेंटर भी स्थापित किया गया है। प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और वेलनेस पर्यटन को देखते हुए प्रदेश में पर्यटन आधारित निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
