पीलीभीत से ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा गया आदमखोर बाघ शनिवार रात नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान ले आया गया है। लखनऊ चिड़ियाघर में उसे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है, जहां उसके व्यवहार पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ जब आदमखोर हो जाता है, तब उसे सामान्य होने में बहुत वक्त लगता है। पकड़ा गया आदमखोर बीते वर्ष नवंबर से ही पीलीभीत में आतंक मचाए हुए है। कई दिनों उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन सफलता शनिवार को मिली। रात को उसे ट्रेंकुलाइज किया गया, फिर ड्रोन की मदद से उसे ढूंढा गया। लखनऊ जू के निदेशक अनुपम गुप्ता ने बताया कि आदमखोर बाघ ने पिछले चार महीने में छह लोगों को मौत के घाट उतारा है।
ड्रोन से खोजकर लखनऊ लाया गया बाघ, जानिए कैसे बन जाते हैं ये आदमखोर
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Mon, 13 Feb 2017 12:21 PM IST
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