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चौंकाने वाला नाम हो सकता है अरुण जेटली की सीट का वारिस, किसी बाहरी को मौका या फिर यूपी का कोई चेहरा
Fri, 27 Sep 2019 11:40 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 27 Sep 2019 11:40 AM IST
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फाइल फोटो
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पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली की रिक्त राज्यसभा सीट से कोई चौंकाने वाला नाम उम्मीदवार हो सकता है। इस सीट के चुनाव की घोषणा होने के साथ ही यह संकेत मिलने लगे हैं। भाजपाइयों में सबसे ज्यादा जिज्ञासा नाम को लेकर ही है। अटकलें लग रही हैं कि किसी बाहरी को टिकट मिलेगा या इस बार प्रदेश के किसी भाजपा कार्यकर्ता की किस्मत खुलेगी। इस सीट के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर है।
फाइल फोटो
- फोटो : ANI
चुनाव और नतीजों की तारीख 16 अक्टूबर तय की गई है। जेटली का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 तक था। पर, पिछले दिनों उनकी मृत्यु हो जाने से यह सीट रिक्त हो गई। वैसे तो इस सीट के जरिये राज्यसभा जाने की इच्छा प्रदेश के कई भाजपा नेताओं के दिलों में हिलोरे मार रही है। पर, माना यह जा रहा है कि जेटली की जगह किसी अन्य बड़े चेहरे या उससे जुड़े व्यक्ति को ही इस सीट पर भाजपा से प्रत्याशी बनाया जाएगा।
अरुण जेटली (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
उम्मीदवार ऐसा होगा जिसके नाम को लेकर कम के कम उत्तर प्रदेश के लोगों में खींचतान न होने पाए और जिसका प्रभाव उपचुनाव पर पड़े। साथ ही उसकी उम्मीदवारी के जरिये किसी न किसी प्रकार का सियासी संकेत या संदेश भी दिया जा सके। देखने वाली बात यह होगी कि किसी बाहरी को मौका मिलेगा या फिर यूपी का कोई चेहरा उतारा जाएगा।
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- फोटो : एएनआई
यह भी है वजह
दरअसल, जेटली ने बतौर राज्यसभा सदस्य रायबरेली को अपना नोडल जिला बनाकर बड़ा सियासी संकेत दिया था। माना गया था कि यह फैसला सिर्फ जेटली का ही नहीं बल्कि उनके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति का भी हिस्सा है। स्मृति ईरानी के जरिये अमेठी में राहुल की पुख्ता घेराबंदी करने में कामयाबी मिलने के बाद भाजपा की नजर अब कांग्रेस के दूसरे दुर्ग रायबरेली पर कब्जा करने की है।
दरअसल, जेटली ने बतौर राज्यसभा सदस्य रायबरेली को अपना नोडल जिला बनाकर बड़ा सियासी संकेत दिया था। माना गया था कि यह फैसला सिर्फ जेटली का ही नहीं बल्कि उनके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति का भी हिस्सा है। स्मृति ईरानी के जरिये अमेठी में राहुल की पुख्ता घेराबंदी करने में कामयाबी मिलने के बाद भाजपा की नजर अब कांग्रेस के दूसरे दुर्ग रायबरेली पर कब्जा करने की है।
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फाइल फोटो
- फोटो : social Media
भाजपा के रणनीतिकार अमेठी का फारमूला रायबरेली में भी लागू कर इस सीट को अपनी बनाना चाहते हैं। ऐसे में अब जब जेटली दुनिया में नहीं है तो भाजपा किसी न किसी अन्य ऐसे चेहरे को राज्यसभा भेजने का फैसला कर सकती है जिसके जरिये सियासी संदेश दिया जा सके। साथ ही सियासी समीकरणों पर भी काम किया जा सके।