सीतापुर जिले के पिसावां इलाके में जर्जर मार्ग को लेकर भाकियू (राजनैतिक) अवध ने मंगलवार को जल सत्याग्रह शुरू किया। जल सत्याग्रह में हजारों की संख्या में किसान और महिलाएं मौजूद रहीं। इलाके के चंद्रा से पिहानी तक की सड़क में पिछले एक माह में जर्जर सड़क की वजह से तीन किसानों की ट्रैक्टर पलटने से मौत हो चुकी है। इसे लेकर भाकियू अवध ने विकास खण्ड के गोमती नदी पर स्थित कुल्लहा पुल के पास दो जिलों की सीमाओं के मध्य जल सत्याग्रह का आयोजन किया।
संगठन के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष श्यामू शुक्ला व प्रदेश महामंत्री ने बताया हरदोई व सीतापुर प्रशासन को सड़क के सबन्ध में पत्र लिख कर अवगत कराया गया था पर कोई जवाब न मिलने पर संगठन द्वारा हजारों किसानों के साथ पूर्व नियोजित जल सत्याग्रह शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि महोली से बरगावां होते हुए पिहानी हरदोई जाने वाला मार्ग बहुत ही जर्जर है। महोली गन्ना समिति का गन्ना इसी मार्ग से हरियावां चीनी मिल को जाता है। इसके अलावा बरगावां से लेकर पथरी, बरगावां से बदनापुर, मूड़ाकला से माढियाघाट जाने वाला मार्ग इतना जर्जर हो चुका है कि निकलना दूभर है। आए दिन राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते है।
जहां एक तरफ सरकार बार-बार सड़कों के गड्ढामुक्त होने का दावा कर रही है। वहीं, यह सड़क कई वर्षों से गड्ढो में तब्दील है लेकिन जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के उदासीन रवैये से सड़क आज तक नहीं बन सकी है। मार्ग को दुरुस्त करने के लिए तीन साल से लगातार ज्ञापन के माध्यम से मांग की गयी पर आज तक कोई सुनवाही न होने पर किसानों को यह निर्णय लेना पड़ा।
सत्याग्रह में शाहाबाद तहसील अध्यक्ष राहुल मिश्रा, हरदोई तहसील अध्यक्ष भोले सिंह, पिहानी ब्लाक अध्यक्ष अतुल दीक्षित, रफ़्फ़न प्रधान वसीम खान, महोली तहसील अध्यक्ष हरिहर मास्टर, तहसील महासचिव अखिलेश पंजाबी, जिला उपाध्यक्ष अरुण शुक्ला, संगठन मंत्री सीतापुर, संजीव शुक्ला, ओमप्रकाश गुप्ता, सौरभ तिवारी, दीपू जायसवाल, अनिल गौतम व रामौतार राठौर आदि किसान नेता व किसान मौजूद रहे।