गुलाबी सुबह की मखमली धूप में जब शहर ने ‘एक कदम बेटी के नाम’ बढ़ाया तो उनका जोश व उत्साह देखने लायक था। ‘भारत माता की जय...’ व ‘वंदे मातरम...’ के जयकारों के साथ कदम से कदम आगे बढ़ते जा रहे थे और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ...’ का संदेश लोगों को दे रहे थे। करीब दो किलोमीटर के पूरे वॉकाथन में लोग कदम दर कदम जुड़ते गए और कारवां बढ़ता गया। ऐसा ही खुशनुमा व जोश से भरपूर माहौल शुक्रवार को 1090 चौराहे पर देखने को मिला। जहां अमर उजाला की मुहिम ‘अपराजिता: हंड्रेड मिलियन स्माइल’ व रीजनल आउटरीच ब्यूरो की ओर से वॉकाथन-2019 एक कदम बेटी के नाम शीर्षक से कार्यक्रम आयोजित किया गया।
'एक कदम बेटी के नाम' वॉकाथन में शामिल हुआ लखनऊ, दिया 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का संदेश, तस्वीरें
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सुबह आठ बजे से शुरू हुए वॉकाथन में स्कूली बच्चों के साथ-साथ मूक-बधिर बच्चों ने भी हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद केजीएमयू के कुलपति डॉ. एमएलबी भट्ट ने वॉकाथन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने अपराजिा मुहिम के लिए अमर उजाला की सराहना की साथ ही कहा कि वॉकाथन लोगों को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत करेगा।
इस मौके पर डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी का विशेष स्थान है। यह देश भगवानों से भरा हुआ है, जिसमें तमाम विविधताएं हैं। इतना ही नहीं हिंदुओं के नववर्ष की शुरुआत ही देवी पूजा यानी नवदुर्गा से होती है। इसके छह महीने बाद फिर शारदीय नवरात्र होता है।
कहा कि सीमा पार एयर स्ट्राइक भी एक नारी रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में हुआ है। वहीं रीजनल आउटरीज ब्यूरो के अपर महानिदेशक अरिमर्दन सिंह ने कहा कि यह गरिमायमी कदम है। नारियों का सम्मान हमारी जिम्मेदारी है। वॉकाथन में महंत दिव्या गिरी, लखनऊ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन डॉ. नीरज जैन, प्रो. संदीप तिवारी, डॉ. अनिरुद्घ वर्मा, डॉ. सुधीर सिंह भी शामिल रहे।
इस मौके पर मौजूद कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आयोजन के लिए अमर उजाला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब भी ऐसे आयोजनों के लिए सहयोग की आवश्यकता होगी, वह साथ खड़े दिखेंगे। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ...अभियान के बहुत ही सार्थक परिणाम आ रहे हैं। स्थिति यह है कि बेटियां कहीं भी पीछे नहीं हैं। ई-रिक्शा से लेकर फाइटर जेट तक बेटियां चला रही हैं। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी हुईं।