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विवेक हत्याकांड : सिर्फ 55 सेकेंड में ही हो गई थी पूरी वारदात, यहां देखें कैसे क्या हुआ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 15 Oct 2018 10:32 AM IST
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vivek murder case
- फोटो : amar ujala
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विवेक तिवारी को गोली मारने वाले आरोपी सिपाही प्रशांत चौधरी के खिलाफ उसका सहयोगी सिपाही संदीप गवाही दे सकता है। रिमांड पर लिए जाने के बाद संदीप खुद को बेगुनाह बताकर अफसरों के सामने रोता रहा और उसने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उसके सरकारी गवाह बनने के आसार नजर आ रहे हैं। रिमांड की अवधि पूरी होने से पहले दोनों को जेल पहुंचा दिया गया।
scene recreation of vivek tiwari murder case
- फोटो : amar ujala
गोमतीनगर में एपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शनिवार देर रात एक बार फिर वारदात का नाट्य रूपांतरण किया। इस बार दोनों आरोपी बर्खास्त सिपाही को मौके पर लाकर हत्या के वक्त पर ही क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया गया, हालांकि प्रत्यक्षदर्शी सहकर्मी मौके पर नहीं थी। सुनसान सड़क पर आधी रात के बाद 55 मिनट के रीक्रिएशन में माना कि करीब 55 सेकेंड में वारदात अंजाम दी गई थी।
vivek tiwari
- फोटो : amar ujala
पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय के नेतृत्व में एसआईटी पुलिस कस्टडी रिमांड पर जेल से लाए गए बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी व संदीप कुमार को लेकर रात 1:45 बजे मौके पर पहुंची। मौका ए वारदात से 40 मीटर दूर खड़ी गाड़ी में प्रशांत व संदीप को साथ लेकर एसआईटी के दो सिपाही बैठे।
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vivek murder case
- फोटो : amar ujala
आईजी ने एसएसपी को साथ लेकर आसपास का जायजा लिया कि विवेक तिवारी की हत्या के वक्त मौके पर कितनी रोशनी होगी? एसयूवी और बाइक को आमने-सामने कराने के साथ आईजी ने दूर खड़ी गाड़ी में बैठे संदीप कुमार से मोबाइल पर बात शुरू की। उसके बताए स्थान पर एसयूवी के आगे बाइक खड़ी कराई और टक्कर लगने से बाइक के गिरने का दृश्य दोहराया। दरअसल, विवेक तिवारी हत्याकांड की रात आरक्षी संदीप बाइक चला रहा था और प्रशांत चौधरी पिछली सीट पर था।
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vivek murder case
- फोटो : amar ujala
संदीप से घटनाक्रम पूछने के बाद आईजी ने प्रशांत चौधरी से मोबाइल पर बातचीत शुरू की। उसके बताए स्थान पर एसआईटी के एक आरक्षी को खड़ा करके एसयूवी की ड्राइविंग सीट को निशाने पर लिए जाने का अनुमान लगाया। बगल वाली सीट पर वारदात की चश्मदीद विवेक की पूर्व महिला सहयोगी के स्थान पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी को बैठाया गया। इलाके के सीसीटीवी फुटेज और दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद माना जा रहा है कि लगभग 55 सेकंड में वारदात अंजाम दी गई थी।