बहराइच रेंज के तीन गांवों में तेंदुए ने रविवार सुबह जमकर उत्पात मचाया। हमला कर पांच लोगों को घायल कर दिया। इससे गुस्साए तीनों गांव के ग्रामीणों ने तेंदुए को खदेड़ा तो वह खालेपुरवा के पास झाड़ियों में छिप गया। ग्रामीणों ने तेंदुए को लाठियों से जमकर पीटा। इससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद झाड़ी में आग लगा दी। मौके पर फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग बुझाई। लेकिन तब तक तेंदुए की मौत हो चुकी थी। प्रभागीय वनाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि तेंदुआ मादा थी। उसकी उम्र दो साल के करीब थी। वन विभाग की टीम ने तेंदुए के शव को जिला मुख्यालय पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस मामले में अभी किसी के खिलाफ केस नहीं दर्ज हुआ।
छह लोगों पर हमले से भड़के ग्रामीणों ने तेंदुए को बुरी तरह पीटने के बाद जिंदा जला दिया, तस्वीरें
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बहराइच वन प्रभाग के बहराइच रेंज अंतर्गत नकाही गांव है। रामगांव थाना क्षेत्र का यह इलाका सरयू का कछार भी है। रविवार सुबह सरयू के कछार से निकलकर आए तेंदुए ने धोबिया गांव में तीन ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल किया। यहां से ग्रामीणों ने खदेड़ा तो तेंदुआ पास में ही नकाही गांव की ओर भागा। रास्ते में दो युवकों पर हमला कर उन्हें भी घायल कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने आसपास गांव के लोगों को सूचना दी। काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इस पर खालेपुरवा गांव के निकट भीड़ ने तेंदुए को घेर लिया। वह जान बचाने के लिए पास की झाड़ी में छिपा तो भीड़ ने लाठियों से पीट दिया। मौके पर ही तेंदुआ बेहोश हो गया। भीड़ ने झाड़ी में आग लगा दी। सूचना वन विभाग को मिली तो सभी सकते में आ गए।
भागीय वनाधिकारी आरपी सिंह, क्षेत्रीय वन दरोगा दीपक सिंह विभाग की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थानाध्यक्ष ब्रह्मानंद सिंह भी फोर्स के साथ खालेपुरवा गांव पहुंच गए। सूचना पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तेंदुए की मौत हो चुकी थी। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि झाड़ियों में आग लगने से तेंदुए की मौत हुई है। तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। आग किसने लगाई, जांच की जा रही है। इसके बाद केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में दो साल से है तेंदुओं का आतंक
रामगांव के नकाही, रेहुआ मंसूर, बरुहाघाट, रमपुरवा समेत 13 गांव ऐसे हैं, जो सरयू के कछार क्षेत्र में हैं। कछार में जंगल का माहौल है। इसके कारण यह इलाका वन्यजीवों के अनुकूल है। क्षेत्र में दो साल से चार तेंदुओं का आतंक है। तीन तेंदुए अब तक पकड़े जा चुके हैं। एक तेंदुआ वन विभाग की गिरफ्त में नहीं आ सका है। इसके लिए दो स्थानों पर पिंजरे भी लगाए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। आशंका है कि यह वही तेंदुआ है।
हमले में ये हुए घायल
मादा तेंदुए के हमले में नकाही गांव निवासी राकेश (30), सीमा (25), खालेपुरवा निवासी अच्छन (50) और नेवरिया निवासी ननकू (28) समेत पांच लोग घायल हुए हैं। डीएफओ का कहना है कि घायलों को जांच के बाद आर्थिक सहायता दी जाएगी।