मेरे बेटे को नेता-नगरी में अपराधी बना दिया। अब यही नेता-नगरी उसकी जान लेने पर तुली है। पर, सरकार को सोचना चाहिए कि गलती विकास ने की है तो उसे सजा दे। हमारा घर क्यों तोड़ डाला। अब हम बुजुर्ग कहां रहेंगे। यह कहना है कुख्यात विकास दुबे की मां सरला का। मौजूदा हालात को कोस रही सरला बेटे की करतूत और सरकार की सख्त कार्रवाई से इतनी परेशान हैं कि उन्होंने अपने मरने तक की बात कह डाली। बोलीं, अब मर ही जाएं तो ठीक है।
विकास दुबे की मां ने बताया कैसे बना उसका बेटा इतना बड़ा अपराधी, अब बोलीं- मर जाएं तो ठीक
सरला ने बताया कि सुबह से आसपास के लोग, पुलिसकर्मी और हर आने-जाने वाला सिर्फ यही पूछ रहा है कि विकास कहां है? बोलीं, विकास से चार महीने से कोई संपर्क नहीं हुआ। फोन पर भी बातचीत नहीं हुई। लगभग आठ साल से वह अलग रह रहा है। उन्हें विकास के बारे में कुछ भी नहीं पता।
विकास अपराधी कैसे बना? इस सवाल पर सरला ने कहा कि नेता-नगरी ने उसे बिगाड़ दिया। उसने बिकरू के साथ ही आसपास के 85 गांव का पूरा इलाका चमका दिया था। बिजली-पानी और सड़क, सब कुछ किया। लेकिन नेताओं ने उसे गलत राह पर डाल दिया। पहले उससे अपराध करवाए, फिर उसकी जान के पीछे पड़ गए। उन्होंने कहा कि विकास ने जो किया, वो तो उसे भुगतना ही पड़ेगा।
विकास बुरा था तो राजनीतिक पार्टियों ने दल में क्यों रखा
सरला ने बताया कि विकास करीब पांच साल भाजपा में, 15 साल बसपा और पांच साल सपा में रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह इतना ही खराब था तो राजनीतिक पार्टियों और उस वक्त के मुख्यमंत्रियों ने उसे अपने दल में शामिल क्यों किया? अगर नेता-नगरी उससे दूर रहती तो शायद विकास आज शांति से जीवन जी रहा होता।
घर में नहीं जला चूल्हा, भूख-प्यास से बिगड़ी हालत
सरला ने बताया कि शुक्रवार को घर पर चूल्हा नहीं जला। बहू, बच्चे सब भूखे रहे। शनिवार सुबह उनकी तबियत बिगड़ गई तो पड़ोस के एक जानने वाले के साथ अस्पताल गईं। उन्होंने बताया कि विकास ने कानपुर के शास्त्रीनगर निवासी रुचि से प्रेम विवाह किया था। उसका एक बेटा आकाश रूस में रहकर एमबीबीएस की तैयारी कर रहा है, जबकि दूसरा बेटा शांतनु यहां पीजीआई के एल्डिको स्थित मिलेनियम स्कूल में हाईस्कूल का छात्र है। दीप प्रकाश की पत्नी अंजली कानपुर में ग्राम प्रधान है। उसका बेटा गुनगुन व राम पीजीआई के एल्डिको स्थित एलपीएस स्कूल में पढ़ते हैं।